फोटो: न्यूज़ नुक्कड़
उत्तराखंड में सरकार द्वारा मरीजों को सस्ती दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए हर अस्पतालों में जन औषधि केंद्र तो बनाए गए, लेकिन मरीजों को इसका फायदा नहीं मिल पा रहा है।
स्वास्थ्य अधिकारियों और डॉक्टरों की अनदेखी और लापरवाही की वजह से औषधि केंद्रों में रखी दवाइयां खराब हो रही हैं और मरीज भटकने को मजबूर हैं। अल्मोड़ा जिला अस्पताल के जन औषधि केंद्र में रखीं बड़ी मात्रा में दवाइयां एक्सपायर हो चुकी हैं और मरीज बाहर से महंगे दामो में दवाइयां खरीदने को मजबूर हैं।
जन औषधि केंद्र में बाजार की अपेक्षा सस्ती दवाएं मिलती हैं। मरीजों द्वारा बार-बार शिकायत करने के बावजूद अस्पताल के कई डॉक्टर जन औषधि केंद्र में उप्लब्ध दवाएं मरीजों को नहीं लिखते। ऐसे में जन औषधि केंद्र में उपलब्ध दवाएं एक्सपायर हो जाती हैं। जन औषधि केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक, अस्पताल में रखी गईं भारी मात्रा में दवाएं एक्सपायर हो रही हैं।
जिला अस्पताल के पीएमएस डॉ.आरसी पंत का कहना है कि सभी डॉक्टरों को अस्पताल की दवाइयां लिखने के निर्देश गए हैं, जरूरत पड़ने पर जेनरिक दवाइयां ही लिखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि वो एक बार फिर से सभी डॉक्टरों को अस्पताल की दवाइयां ही लिखने के लिए निर्देश देंगे। उनका कहना है कि जन औषधि केंद्रों में भी मानकों के अनुरूप दवाइयां नही रखी गई हैं, कई बार वही दवाइयां होती हैं जो अस्पताल में फ्री में उपलब्ध होती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में वो दवाइयां एक्सपायर हो सकती हैं।
(अल्मोड़ा से हरीश भंडारी की रिपोर्ट)
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