कोरोना लॉकडाउन के बाद बड़ी संख्या में प्रवासी उत्तराखंड लौटे हैं। प्रवासियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती रोजी-रोटी का है।
एक तरफ सरकार जहां प्रवासियों को रोजगार दिलाने में मदद कर रही है, वहीं दूसरी तरफ प्रवासी खुद रोजगार की तलाश में लगे हुए हैं। प्रवासियों के लिए खेती एक बेहतर विकल्प के रूप में सामने आया है। अलमोड़ा जिले में लौटे प्रवासियों ने अब अपने परम्परागत खेती को रोजगार का साधन बनाते हुए खेती करना शुरू कर दिया है।
अन्य राज्यों से लौटे प्रवासी जिले में खेती करने लगे हैं। किसानों के सामने पहाड़ों में खेती के कई विकल्प हैं। उधर, सरकार की ओर से किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। जिला स्तर पर प्रशासन द्वारा इन योजनाओं की प्रवासियों को जानकारी दी जा रही है, जिससे किसान और प्रवासी फायदा उठा रहे हैं।
(अल्मोड़ा से हरीश भंडारी की रिपोर्ट)
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बीच उत्तराखंड में भी प्रश्नपत्र लीक का…
केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बड़ा बदलाव करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को…
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर चल रहा छात्रों का आंदोलन…
उत्तराखंड के चमोली विकास परियोजनाओं को नई रफ्तार देते हुए राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह…
उत्तराखंड के चमोली जिले स्थित श्री बद्रीनाथ धाम में दान के प्रबंधन को लेकर सामने…
दिल्ली में झुग्गी बस्तियों को हटाकर लोगों को पुनर्वास स्थलों पर भेजने की प्रक्रिया पर…
This website uses cookies.