उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल के युवक कमलेश भट्ट की मौत अबू धाबी में हो गई थी। इसके बाद समाजसेवी रोशन रतूड़ी ने अपनी तरफ से हर संभव कोशिश की और मृतक के शव को भारत भेजा था।
हैरानी की बात है कि कमलेश के शव को एयरपोर्ट से ही वापस दुबई भेज दिया गया। लॉकडाउन के चलते शव को वापस भेजा गया। टिहरी गढ़वाल मैं मौजूद कमलेश भट्ट के परिजन शव को भारत वापस लाने की मांग कर रहे हैं। रोशन रतूड़ी ने इस बारे में अपने फेसबुक पेज पर जानकारी भी दी और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली।
कमलेश भट्ट टिहरी गढ़वाल के सकलाना पट्टी के सेमवाल गांव के रहने वाले थे। वह अबू धाबी के एक कंपनी में काम करते थे और 16 अप्रैल को उनकी वह संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। रोशन रतूड़ी ने वादा किया था कि वह कमलेश भट्ट के पार्थिव शरीर को भारत भिजवाएंगे और उन्होंने अपना वादा भी निभाया।
23 अप्रैल की रात को अबू धाबी एयरपोर्ट से कमलेश भट्ट के पार्थिव शरीर को दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट लाया गया। बताया जा रहा है कि कोरोना वायरस संक्रमण के चलते शव एयरपोर्ट पर नहीं उतारा गया और इससे कमलेश भट्ट के परिजन बेहद निराश हो गए। कमलेश भट्ट के परिजनों की मांग है कि हर हाल में कमलेश भट्ट का शव भारत लाया जाए।
वहीं, समाजसेवी रोशन रतूड़ी अपने पेज पर लाइव आए और सरकार के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया। रोशन रतूड़ी का कहना है कि इस सिस्टम में जल्द से जल्द सुधार होना चाहिए। साथ ही उन्होंने मांग की है कि कमलेश भट्ट के शव को उसके गांव भिजवाया जाए, क्योंकि वहां परिजन काफी समय से इंतजार कर रहे हैं। देखना है कि रोशन रतूड़ी की अपील पर सरकार अब क्या एक्शन लेती है।
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