उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार की तरफस क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के 15वें वित्त आयोग की स्वीकृत धनराशि में 20 फीसदी की कटौती करने पर पंचायत सदस्यों ने नाराजगी जताई है।
उनका आरोप है कि केंद्र सरकार ने क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायतों को तीस-तीस प्रतिशत की धनराशि स्वीकृत की है। लेकिन, राज्य सरकार ने उस पर 20 प्रतिशत की कटौती कर दी, जो त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों का अपमान है। विरोध कर रहे ब्लॉक प्रमुखों का कहना है कि भारत गांवों का देश है। गांवों के विकास में पंचायतों का महत्वपूर्ण योगदान है। इसलिए राज्य सरकार को पंचायतों के विकास में इस आदेश को जल्द वापस लेना चाहिए, जिससे गांव का विकास प्रभावित ना हो।
थराली में प्रदेश सरकार के इस फैसले का विरोध करते हुए क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने खंड विकास कार्यलयों में तालाबंदी कर दी। पंचायत सदस्यों ने विकास खंड के दफ्तेर में एक घंटे के लिए सांकेतिक तालाबंदी कर अपना विरोध दर्ज कराया। पंचायत सदस्यों ने इस दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।
इस फैसले के विरोध में चमोली में पंचायत सदस्यों ने विरोध किया। यहां क्षेत्र पंचायत प्रमुखों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों और जिला पंचायत सदस्यों ने ब्लॉक मुख्यालयों पर तालेबंदी कर उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के लिए खर्च की जाने वाली धनराशि में जब 20 प्रतिशत तक कटौती होगी तो गांवों का विकास आखिर होगा कैसे।
थराली से मोहन गिरी और चमोली से जितेंद्र पंवार की रिपोर्ट
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