कोरोना संकट के बीच पहाड़ों के किसानों के लिए एक अच्छी खबर आई है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शुरुआत अब पहाड़ी इलाकों में भी हो गई है।
अल्मोड़ा में मंगलवार को मुख्य कृषि अधिकारी प्रियंका सिंह ने इसकी शुरुआत के वक्त बताया कि अभी इसमें दो फसलों चावल और मडुवा को रखा गया है। आगे और भी फसलों का किसान बीमा करा सकेंगे। उन्होंने बताया कि एक नाली भूमि की बीमा की किस्त 21 रुपये 55 पैसे है। जिसका नुकसान होने पर किसान को 1075 रुपये का बीमा दिया जाएगा। इसी तरह 1 नाली की जोत पर 15 रुपये 78 पैसे की बीमा किस्त होगी। जिसमें आपदा पर नुकसान होने पर 779 रुपये बीमा दिया जाएगा।
योजना की खासियत क्या है?
भारत सरकार ने 2020-21 के बजट में 11 करोड़ किसानों को फसल बीमा योजना का फायदा देने का वादा किया था। इस योजना के तहत केंद्र सरकार किसानों की आय दुगनी करना चाहती है। योजना का तहत सभी खरीफ फसलों पर किसानों के द्वारा केवल 2 फीसदी का प्रीमियम जमा करना होगा साथ ही रबी फसलों पर 1.5 फीसदी प्रीमियम। सालाना कमर्शियल और हॉर्टीकल्चर फसलों पर ई-प्रीमियम की राशि 5 फीसदी हो जाएगी।
सरकार ने किसानों के के प्रीमियम की राशि बहुत कम रखी है। उसके बाद बकाए की प्रीमियम राशि का सरकार के द्वारा भुगतान किया जाएगा ताकि किसी भी आपदा से फसलों का नुकसान हो तो किसानों पर ज्यादा बोझ ना आए। सरकारी सब्सिडी पर कोई अपर लिमिट नहीं है। अगर बैलेंस 90 फीसदी भी है तो इसे सरकार के द्वारा वहन किया जाएगा।
अल्मोड़ा से हरीश भंडारी की रिपोर्ट
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