फोटो: सोशल मीडिया
झारखंड विधानसभा चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस और आरजेडी गठबंधन ने स्पष्ट जनादेश हासिल किया है। कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 16 सीटों पर जीत दर्ज की है। जबकि गठबंध ने कुल 47 सीटें जीती हैं, जो बहुमत से 6 ज्यादा हैं।
80 विधानसभा सीटों पर झारखंड विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा है 41 है।। इस बार के चुनाव में हजारीबाग के बड़कागांव विधानसभा सीट से कांग्रेस की 28 साल की महिला उम्मीदवार अंबा प्रसाद ने चुनाव जीत कर इतिहास रच दिया। वो इस बार विधानसभा चुनाव जीतने वाली इकलौती अविवाहित महिला हैं। साथ ही वो 2019 में झारखंड चुनाव में सबसे कम उम्र की विधायक बनने का इतिहास भी रचा है। अंबा प्रसाद ने आजसू के रोशनलाल चौधरी को 30,140 मतों से हराया है।
राहुल गांधी के कहने पर राजनीति में आईं
अंबा प्रसाद राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता योगेंद्र साहू 2009 में और मां निर्मला देवी ने 2014 में बड़कागांव विधानसभा से चुनाव जीती थीं। हालांकि कफन सत्याग्रह के दौरान माता-पिता को जेल भेज दिया गया। तब अंबा प्रसाद दिल्ली में रह कर UPSC की तैयारी कर रही थीं। इस घटना केबाद वो पढ़ाई को बीच में ही छोड़कर घट चली आईं। घर लौट कर अंबा प्रसाद ने हजारीबाग कोर्ट में ही वकालत शुरू कर दी और माता-पिता और भाई पर दर्ज मुकदमों को उन्होंने देखना शुरू कर दिया। फिलहाल अंबा के पिता जेल में हैं और मां राज्य बदर है। अंबा में काफी संघर्ष के बाद भाई को तो जेल से छुड़ा लिया है। लेकिन पिता को जेल से छुड़ाने की लिए लड़ाई जारी है।
अंबा ने एक इंटरव्यू में बताया कि दिल्ली में वो पिता की रिहाई को लेकर राहुल गांधी से मिली थीं। उस वक्त उन्होंने राहुल गांधी से केस लड़ने के लिए अच्छा वकील मुहैया कराने का आग्रह किया था। इस दौरान वो कपिल सिब्बल, अभिषेक मनु सिंधवी और सलमान खुर्शीद जैसे लोगों से भी मिली। इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि राहुल गांधी को जब मेरे पिता के बारे में पूरी जानकारी हो गई तो उन्होंने मुझे दिल्ली में कानूनी मदद उपलब्ध करवाई। साथ ही कहा कि कांग्रेस पार्टी के लिए काम करो। अंबा प्रसाद ने पार्टी के लिए काम शुरू कर दिया। इसी साल हुए लोकसभा चुनाव में उनका नाम लोकसभा उम्मीदवारी के लिए भी चल रहा था, लेकिन आखिरी वक्त में उनका नाम कट गया। विधानसभा चुनाव में उन्हें टिकट मिला।
अंबा प्रसाद की शिक्षा
अंबा प्रसाद ने बीआईटी से बीबीए किया है। इसके अलावा उन्होंने बिनोवा भावे विश्वविद्यालय से वकालत की डिग्री भी ले रखी है।
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