प्रधनामंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ वाराणसी से ताल ठोंकने वाले बीएसएफ के बर्खास्त जवान तेज बहादुर की याचिका खारिज हो गई है।
तेज बहादुर कि याचिका पर चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच ने सुनवाई की। इस दौरान सीजेआई ने तेज बहादुर की याचिका खारिज करते हुए कहा कि याचिका में तथ्य ऐसे नहीं हैं, जिसपर सुनवाई की जाए। इससे पहले कोर्ट ने चुनाव आयोग से कहा था कि तेज बहादुर की याचिका पर वो विचार करे और गुरुवार तक कोर्ट को जवाब। चुनाव आयोग से जवाब मिलने के बाद कोर्ट ने तेज बहादुर की याचिका खारिज की है।
तेज बहादुर ने वाराणसी से पीएम मोदी के खिलाफ समाजवादी पार्टी की टिकट पर नामांकन पत्र दाखिला किया था। जिसे निर्वाचन आयोग ने खारिज कर दिया था। आयोग ने कहा था कि तेज बहादुर ने तय वक्त पर मांगे गए जरूरी दस्तावेज को जमा नहीं कराए थे।
निर्वाचन आयोग के मुताबिक, राज्य या केंद्र सरकार से बर्खास्त कर्मचारी को बर्खास्तगी के 5 साल के भीतर सनद लेनी होती है। आयोग के मुताबिक, तेज बहादुर ने ये दस्तावेज चुनाव आयोग से हासिल नहीं किया था। निर्वाचन आयोग ने तेज बहादुर से सुबह 11 बजे तक दस्तावेज जमा कराने के लिए कहा था, लेकिन वो दस्तावेज 11 बजे के बाद जमा करा पाए थे। इसी को आधार बनाते हुए निर्वाचन आयोग ने तेज बहादुर के नामांकन पत्र को खारिज कर दिया था। इसके बाद तेज बहादुर सुप्रीम कोर्ट गए थे, लेकिन वहां पर भी उन्हें राहत नहीं मिली।
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