फोटो: सोशल मीडिया
उत्तराखंड क्रिकेट में कोई खिलाड़ी अगर फर्जी दस्तावेजों के जरिए जगह बनाता है और बाद में इस बात की पुष्टि होती है तो अब उसकी खैर नहीं है।
चंपावत क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह पाटनी ने इस संबंध में अहम जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग प्लेट फार्म के लिए BCCI ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होने कहा कि खिलाड़ी स्वेच्छा से दस्तावेजों के बारे में घोषणा करते हैं। ऐसे में अगर फर्जी दस्तावेज के जरिए जन्मतिथि में खिलाड़ी ने हेरफेर किया है तो अब उसकी खैर नहीं है। ऐसे खिलाड़ियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, उन्हें निलंबित कर दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि अगर खिलाड़ी अभिलेखों में फर्जीवाड़ा करता है तो ऐसे खिलाड़ी को टूर्नामेंट में दो साल तक भाग लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। अंडर-16 और अंडर-19 में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों के लिए भी नियमों में संशोधन किया गया है। उन्होंने बताया कि अंडर-16 में 16 साल से ज्यादा उम्र के खिलाड़ी शामिल नहीं हो सकते। 16 साल से कम उम्र के खिलाड़ी को ही इस वर्ग में शामिल किया जाएगा। अंडर-16 स्तर पर टीडब्ल्यू र्थी की हड्डी का परीक्षण करने वाला कोई भी व्यक्ति ज्यादा से ज्यादा सालों तक अंडर-19 टूर्नामेंट में हिस्सा ले सकता है। इसके लिए जन्मतिथि को ही आधार माना जाएगा।
उन्होंने बताया कि अंडर-19 स्तर पर सीधे प्रवेश करने वाला कोई भी खिलाड़ी जिसने अंडर-16 में पंजीकरण नहीं कराया है, वो अंडर-19 में सिर्फ दो साल खेल पाएगा। साल 2020-21 सीजन में संशोधन के तहत सिर्फ 14 से 16 साल के खिलाड़ी ही जन्मतिथि के मुताबिक, BCCI अंडर-16 टूर्नामेंट में हिस्सा ले पाएंगे।
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