कोरोना काल के बीच हल्द्वानी से मरीजों को परेशान करने वाली खबर है। राजकीय मेडिकल कॉलेज सुशीला तिवारी अस्पताल में डॉक्टर एक बार फिर हड़ताल पर चले गए हैं।
पीजी (जेआर) यानी एमडी और एमएस कर रहे डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने से अस्पताल में मरीजों की पेरशानी बढ़ गई है। सरकार की ओर से दी गई चेतावनी के बाद डॉक्टर पर जाने फैसले को नहीं टाला।
डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें आधा वेतन मिल रहा है, जबकि पहले पूरा वेतन मिलता था। उनका कहना है कि इसके बाद वो कोर्ट गए थे, इसक बाद 6 जनवरी को सभी पीजी डॉक्टरों को पूरा वेतन दिए जाने की घोषणा की गई थी। लेकिन 9 महीने बीत जाने के बाद भी उन्हें पूरा वेतान नहीं मिल रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि उन्होंने पिछले महीने सांकेतिक हड़ताल कर अपनी मांग के लिए एक महीने का समय दिया था, लेकिन मांग नहीं पूरी हुई। यही वजह है कि अब अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू किया गया है।
वहीं, राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल चंद्र प्रकाश ने बताया कि डॉक्टरों से बात की जा रही है, साथ ही उन्हें ये भी बता दिया गया है कि उनकी सभी मांगों को शासन तक पहुंचा दिया गया है। उन्होंने कहा कि जब शासन कोई फैसला नहीं लेता, डॉक्टरों को काम पर लौटना चाहिए।
उधर, डॉक्टरों के हड़ताल पर चले जाने से अस्पताल में मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। डॉक्टर पूर्ण कार्य बहिष्कार कर हड़ताल पर हैं। ऐसे में मरीजों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी वो हड़ताल खत्म नहीं करेंगे।
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