पूरे विश्व में तृतीय केदार के रूप में मशहूर और सबसे ऊंचाई पर रुद्रप्रयाग में स्थित भगवान तुंगनाथ मंदिर का कायाकल्प किया जा रहा है।
मंदिर के प्रांगण में बेंगलुरू से आए कटप्पा और स्थानीय स्तर के कटुआ पत्थर से सजावट की जा रही है। मंदिर के सामने वाले हिस्से में प्रांगण तैयार किया गया है, ताकि यात्री यहां पर बैठ कर तुंगनाथ धाम के दर्शन कर सकें। मंदिर के आगे और पितृ शिला पर कटप्पा पत्थरों के बिछने से धाम की भव्यवता बढ़ गई है। मंदिर की भव्यता बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से यहां मंदिर प्रांगण का निर्माण किया जा रहा है। कार्य अंतिम चरण में है। तीन सालों से ये काम चल रह है।
मंदिर के पुजारी नरेंद्र सिंह भंडारी और अनुसूया मैठाणी के अनुसार, तीन सालों से मंदिर प्रांगण में काम धीमी गति से चल रहा था, लेकिन पिछले दिनों जिला अधिकारी वंदना सिंह के तुंगनाथ धाम पहुंचने पर कार्य में गति आई है। वहीं, जिलाधिकारी वंदना सिंह ने बताया कि तुंगनाथ में सौंदर्यीकरण कार्य विशेष प्रोजेक्ट के तहत किया जा रहा है। पिछले दिनों तुंगनाथ का भ्रमण करने के दौरान कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए गए थे।
तुंगनाथ धाम पर्यटन के क्षेत्र में अहम स्थान रखता है। 6 महीने जब तुंगनाथ के कपाट बंद रहते हैं तो तब भी यहां हजारों की संख्या में सैलानी बर्फबारी का लुत्फ उठाने के लिए आते रहते हैं। तुंगनाथ धाम में भगवान शिव की भुजाओं की पूजा होती है। हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन करने के लिए तुंगनाथ धाम आते हैं।
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