फोटो: सोशल मीडिया
दिल्ली दंगों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 45 तक पहुंच गई है। जबकि 200 घायलों का इलाज चल रहा है। दंगे के दो दिनों के बाद अब हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं।
जिंदगी पटरी पर लौट रही है, लेकिन दंगे पर सियासत जोरों पर है। विपक्ष दंगे के लिए सरकार को जिम्मेदार बता रहा है, वहीं सरकार विपक्ष के नेताओं के भड़काऊ भाषण को दंगे की असल वजह बता रही। इस बीच बीएसपी सुप्रीमो मायावती में दिल्ली में हुए दंगों राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को चिट्ठी लिखी है। मायावती ने चिट्ठी के जरिये केंद्र की बीजेपी सरकार पर तीखा प्रहार किया है।
उन्होंने लिखा है कि इस दंगे की सरकार की विफलता है। बीजेपी अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी को निभाने में विफल रही। मायावती ने दिल्ली पुलिस को की लापरवाही को भी दंगे की वजह बताया। मायावती ने पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में उच्चस्तरीय न्यायिक जांच की मांग की है। मायावती ने पत्र में राष्ट्रपति को आगे लिखा कि दंगा पीड़ितों की सहायता को लेकर केंद्र सरकार को निर्देशित करें ताकि दंगा पीडि़तों को दर-दर भटकने की नौबत न आए। वो लोग बेहद परेशान हैं।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बीच उत्तराखंड में भी प्रश्नपत्र लीक का…
केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बड़ा बदलाव करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को…
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर चल रहा छात्रों का आंदोलन…
उत्तराखंड के चमोली विकास परियोजनाओं को नई रफ्तार देते हुए राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह…
उत्तराखंड के चमोली जिले स्थित श्री बद्रीनाथ धाम में दान के प्रबंधन को लेकर सामने…
दिल्ली में झुग्गी बस्तियों को हटाकर लोगों को पुनर्वास स्थलों पर भेजने की प्रक्रिया पर…
This website uses cookies.