उत्तर प्रदेश

गाजीपुर: सेवराई में धान खरीद को लेकर विवाद, ब्लैकलिस्टेड सोसाइटियों के चयन पर भड़के किसान

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले की सेवराई तहसील में एक नवंबर से धान खरीद की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है, लेकिन इससे पहले ही विवाद खड़ा हो गया है। शासन द्वारा धान खरीद के लिए चयनित कुछ समितियों (सोसाइटियों) पर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि इनमें कुछ सोसाइटियां पहले से ही ब्लैकलिस्टेड हैं, इसके बावजूद उन्हें फिर से केंद्र के रूप में चयनित किया गया है।

भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के तहसील अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने इस मुद्दे को उठाते हुए एसडीएम संजय यादव से मुलाकात की और शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि यह चयन प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है और इससे किसानों के शोषण का खतरा बढ़ जाएगा।

ब्लैकलिस्टेड सोसाइटियों को मिला केंद्र का जिम्मा

किसान नेता भानु प्रताप सिंह ने उदाहरण देते हुए बताया कि जखनियां तहसील की खड़वाडीह सोसाइटी को कुछ महीने पहले खाद की कालाबाजारी के आरोप में जिलाधिकारी द्वारा ब्लैकलिस्ट किया गया था। इस मामले में संबंधित सचिव के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हुआ था। इसके बावजूद, अब इसी सोसाइटी को उसिया गांव में धान खरीद केंद्र चलाने की अनुमति दी गई है।

उन्होंने आगे कहा कि कासिमाबाद तहसील की गंगौली समिति को सेवराई के रक्सहा गांव में केंद्र चलाने की अनुमति दी गई है, जबकि सदर तहसील की अंधऊ समिति को फरीदपुर गांव में केंद्र का जिम्मा सौंपा गया है।

“राजनीतिक दबाव में हुआ चयन”

भानु प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि इन चयनित समितियों के पीछे एक विशेष जनप्रतिनिधि का दबाव है। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारी और कर्मचारी भी इसमें मिलीभगत कर रहे हैं। “गंगा पार की समितियों को इस पार के क्षेत्रों में केंद्र आवंटित किया गया है, जिससे स्थानीय किसानों के हितों की अनदेखी हो रही है,” उन्होंने कहा।

किसानों की सुविधा के लिए नए केंद्र की मांग

भानु प्रताप सिंह ने यह भी मांग की कि अमौरा और मनिया गांवों में भी धान क्रय केंद्र खोले जाएं। उन्होंने बताया कि इन दोनों गांवों में हर साल दस हजार क्विंटल से अधिक धान का उत्पादन होता है, ऐसे में किसानों की सहूलियत के लिए यहां केंद्र खोलना बेहद जरूरी है।

प्रशासन ने जांच के आदेश दिए

इस पूरे मामले पर एसडीएम संजय यादव ने कहा कि उन्हें यह शिकायत प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि विभागीय अधिकारियों से पत्राचार शुरू कर दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि अगर किसी समिति का चयन गलत पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी।

(न्यूज़ नुक्कड़ के लिए गाजीपुर से इजहार खान की रिपोर्ट)

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