फोटो: सोशल मीडिया
किसान आंदोलन के दौरान 26 जनवरी को दिल्ली में हुई हिंसा के बाद विवादों में घिरे खालसा का एक नया रूप सामने आया है।
उत्तराखंड के चमोली में भारी तबाही के बाद बड़ी तादाद में लोग आपदा प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाने की मुहिम में लगे हैं। इसी कड़ी में खालसा एड की टीम भी मुसीबत में फंसे लोगों की मदद कर रही है। खासला एड टीम की इस दरियादिली का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें नजर आ रहा है कि खालसा के वॉलंटियर्स ट्रक में भरकर फूड पैकेट स्थानीय लोगों तक पहुंचा रहे हैं।
ये वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों सोशल मीडिय पर सरकार और उन लोगों से सवाल पूछ रहे हैं जो कुछ दिन पहले तक खालसा के लोगों पर सवाल खड़े कर रहे थे।
क्या है खासला?
खालसा सिख धर्म के विधिवत् दीक्षाप्राप्त अनुयायियों सामूहिक रूप है। खालसा पंथ की स्थापना गुरु गोबिन्द सिंह जी ने 1699 को बैसाखी वाले दिन आनंदपुर साहिब में की। इस दिन उन्होंने सर्वप्रथम पांच प्यारों को अमृतपान करवा कर खालसा बनाया और उसके बाद उन पांच प्यारों के हाथों से खुद भी अमृतपान किया। सतगुरु गोबिंद सिंह ने खालसा महिमा में खालसा को “काल पुरख की फ़ौज” पद से निवाजा है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बीच उत्तराखंड में भी प्रश्नपत्र लीक का…
केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बड़ा बदलाव करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को…
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर चल रहा छात्रों का आंदोलन…
उत्तराखंड के चमोली विकास परियोजनाओं को नई रफ्तार देते हुए राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह…
उत्तराखंड के चमोली जिले स्थित श्री बद्रीनाथ धाम में दान के प्रबंधन को लेकर सामने…
दिल्ली में झुग्गी बस्तियों को हटाकर लोगों को पुनर्वास स्थलों पर भेजने की प्रक्रिया पर…
This website uses cookies.