ऋषि कुमार शुक्ला को सीबीआई का निदेशक नियुक्त किया गया है। सेलेक्ट कमेटी ने उनके नाम पर मुहर लगाई है। उनका कार्यकाल दो साल का रहेगा। 

ऋषि कुमार मध्य प्रदेश कैडर के 1983 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। इससे पहले वे मध्य प्रदेश के डीजीपी थे, लेकिन कमलनाथ सरकार ने उन्हें 29 जनवरी को राज्य के डीजीपी पद से हटा दिया था। जुलाई 2016 से वे मध्य प्रदेश में के डीजीपी थे।

सेलेक्ट कमेटी के सदस्यों में से एक कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन ने सीबीआई निदेशक के पद पर ऋषि कुमार शुक्ला की नियुक्ति का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार विरोधी जांच संबंधी मामलों में ऋषि कुमार को कम अनुभव है।

घूसकांड में विवाद के बाद सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा और स्पेशल निदेशक राकेश अस्थाना के आमने-सामने होने पर केंद्र सरकार ने आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेज दिया था। आलोक वर्मा को छुट्टी भेजने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। जनवरी के शुरूआत में सुप्रीम कोर्ट ने आलोक वर्मा को सीबीआई के निदेशक पद बहाल कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि सीबीआई निदेशक को हटाने या छुट्टी पर भेजने का अधिकार सेलेक्ट कमेटी के पास है न कि केंद्र सरकार के पास।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा सीबीआई के निदेशक पद पर आलोक वर्मा को बहाल करने के बाद पीएम मोदी की अध्यक्षता में सेलेक्ट कमेटी की बैठक हुई थी। बैठक के बाद सेलेक्ट कमेटी ने आलोक वर्मा को निदेशक पद से हटा दिया था। 10 जनवरी से सीबीआई का निदेशक पद खाली था। इस बीच नागेश्वर राव अंतरिम निदेशक के तौर पर कार्यभार संभाल रहे थे। इस बीच सीबीआई का निदेशक नहीं चुनने पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार भी लगाई थी। इसके बाद हुई सेलेक्ट कमेटी की में ऋषि कुमार को सीबीआई के निदेशक के रूप में नियुक्त करने फैसला लिया गया है।

कौन हैं ऋषि कुमार शुक्ला?

ऋषि कुमार शुक्ला मध्य प्रदेश के ग्वालियर के रहने वाले हैं। उन्होंने 1983 में भारतीय पुलिस सेवा ज्वॉइन किया था। उनकी पहली पोस्टिंग सीएसी रायपुर में हुई थी। इसके बाद उन्होंने मंदसौर और शिवपुरी जिले के एसपी का कार्यभार संभाला था। ऋषि कुमार 2009 से 2012 तक एडीजी इंटेलिजेंस भी रहे। इसके बाद उन्हें 2016 में मध्य प्रदेश का डीजीपी बनाया गया।

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