देश के काली कमाई के कुबेरों के चेहरे से नकाब जल्द ही उतरने वाला है। स्विस बैंक ने भारतीयों के खातों का पहला ब्योरा देश को सौंप दिया है।
भारत और स्विट्जरलैंड के बीच नई ऑटोमैटिक सूचना विनिमय प्रणाली AEOI से ये जानकारी मिली है। ब्योरा मिलने के बाद इसे ब्लैक मनी के खिलाफ लड़ाई में अहम कामयाबी माना जा रहा है। आपको बता दें कि भारत उन 75 देशों में से एक है जिसके साथ स्विट्जरलैंड के फेडरल टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन (FTA) ने बैंक खातों की जानकारी साझा की है।
स्विट्जरलैंड ने भारत को 2018 से एक्टिव बैंक अकाउंट के साथ बंद हो चुके खातों की जानकारी भी दी है। अब ऑटोमैटिक सूचना विनिमय प्रणाली के तहत स्विट्जरलैंड भारत को 2020 तक अगली सूची देगा। भारत सरकार ने जून 2014 में स्विस बैंक खातों की जानकारी मांगी थी।
स्विस बैंक के जारी आंकड़ों के मुताबिक स्विस बैंक में जमा भारतीयों की रकम करीब 6 फीसदी घट कर 6757 करोड़ रुपये रही थी। आपको बता दें कि बीते दो दशक में जमा रकम का यह दूसरा निचला स्तर है। स्विस बैंक में धन जमा करने वाले देशों की सूची में भारत दुनियाभर में 74वें पायदान पर है। जबकि ब्रिटेन पहले नंबर पर है।
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