कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जयपाल रेड्डी नहीं रहे। हैदराबाद के एक अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि वो बुखार और निमोनिया से पीड़ित थे और हाल में उन्हें एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
जयपाल रेड्डी के निधन पर कांग्रेस में शोक की लहर है। उनकी गिनती पार्टी के कद्दावर नेताओं में होती थी। वो अलग-अलग वक्त पर कई मंत्रालयों का कामकाज संभाल चुके थे। 15वीं लोकसभा में उनके पास साइंस और टेक्नोलॉजी और अर्थ साइंस के मंत्रालयों का प्रभार था। जबकि 1998 में इंद्र कुमार गुजराल की कैबिनेट में वो सूचना और प्रसारण मंत्री थे। 2009 के लोकसभा चुनावों में जयपाल रेड्डी चेवेल्ला लोकसभा सीट से सांसद चुने गए थे।
मनमोहन सिंह के दोनों कार्यकाल में रहे मंत्री
जयपाल रेड्डी पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के दोनों कार्यकाल में मंत्री रहे। यूपीए-1 में वह शहरी विकास मंत्री थे। जबकि यूपीए-2 में उनके पास शहरी विकास मंत्रालय और पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की भी जिम्मेदारी थी। आपको बता दें कि जब इंदिरा गांधी ने देश में इमरजेंसी लागू की थी तो जयपाल रेड्डी ने 1977 में कांग्रेस पार्टी छोड़कर जनता पार्टी का रुख कर लिया था। उन्होंने इंदिरा गांधी के खिलाफ आंदोलन छेड़ रखा था। यहां तक जयपाल रेड्डी ने इंदिरा गांधी के खिलाफ 1980 में चुनाव भी लड़ा था। हालांकि वो हार गए थे। 21 साल बाद 1999 उनकी कांग्रेस में वापसी हुई थी।
जयपाल रेड्डी का जन्म 16 जनवरी 1942 को हैदराबाद के मदगुल में हुआ था। हैदराबाद से अलग होकर अब यह तेलंगाना राज्य में आता है। उनके परिवार में 2 बेटे और एक बेटी भी है।
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