नागरिकता संशोधन कानून पर असम के बाद दिल्ली में सबसे बड़ा बवाल हुआ है। दिल्ली के जामियान नगर में तीन बसों को आग के हवाले कर दिया गया है।
जामिया नगर से जो तस्वीरें सामने आई हैं वो दिल दहला देने वाली हैं। नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन हो रहा था। इस प्रदर्शन में बाहर के भी कुछ लोग शामिल हो गए। बताया जा रहा है कि इस दौरान वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। छात्रों पर हिंसा का आरोप लगा। छात्रों की ओर से ये बयान जारी कर कहा गया कि हिंसा में कोई भी छात्र शामिल नहीं था। जाहिर है दो दिन से छात्र प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन कोई हिंसा नहीं हुई।
हिंसा के बाद बड़ी संख्या में पुलिस जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी कैंप पहुंची। पुलिस कैंपस में घुसी और लाठीचार्ज कर दिया। लाठीचार्ज की दिल दहला देने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। पुलिस ने छात्र और छात्राओं को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इस दौरान पुलिस ने कैंपस में आंसू गैस के गोले भी छोड़े। छात्र और छात्राएं भाग रहे थे और पुलिस लाठियों से दौड़ा-दौड़ाकर पीट रही थी।
बसों में आग किसने लगाई? हिंसा का जिम्मेदार कौन है? जामिया में किसने बवाल खड़ा किया? किसी को कुछ नहीं पता और जो पता है वो ये कि बसों को आग के वाले करके आरोपी फरार हो गए और छात्रों को पुलिस ने कैंपस में घुसकर बेरहमी से पीटा।
उधर, सियासतदान हिंसा पर रोटियां सेंकने में जुट गए हैं। डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने आरोप लगाया है कि बीजेपी के इशारे पर पुलिस ने बसों में आगजनी की है। वहीं, बीजेपी के दिल्ली अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि सीएम केजरीवाल और उनके विधायक के इशारे पर हिंसा हुई है।
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