फोटो: सोशल मीडिया
मसूद अजहर के मामले में 21 देश आज भारत के साथ हैं। ये विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा है। 2019 में इस प्रस्ताव को ब्रिटेन, फ्रांस, और अमेरिका ने पेश किया है।
UNSC में मसूद अजहर पर वीटो लगाकर भले ही चीन ने उसे ग्लबोल आतंकी घोषित करने से रोक लगा दिया है, लेकिन ये पीएम मोदी की कूटनीति का नतीजा है कि मसूद अजहर के मामले में 21 देश आज भारत के साथ हैं। ये विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा है। 2019 में इस प्रस्ताव को ब्रिटेन, फ्रांस, और अमेरिका ने पेश किया है। इस बीच फ्रांस की सरकार ने जैश-ए-मोहम्मद के सगरना की संपत्ति को जब्त करने का फैसला किया है।
बुधवार को चीन ने तकनीकि खामी बताकर मसूद अजहर को रोका है। चीन ने कहा कि बिना सबूत के वो किसी पर भी कार्र्वाई के खिलाफ है। जबकि 10 से ज्यादा देशों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया था। मसूद के मामले में चीन के रवैये पर भारत के अलावा अमेरिका ने भी निराशा जताई है।
मसूद अजहर को इंटरनेशनल आतंकी घोषित करे के लिए 2009 में पहली बार यूएन में प्रस्ताव पेश किया गया था। इसके बाद 2016 में एक बार फिर अमेरिका, यूके और फ्रांस (पी-3) के साथ मिलकर अजहर पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव दिया गया। प्रस्ताव में मसूद अजहर को पठानकोट हमले का मास्टर माइंड बताया गया था। इसके बाद 2017 में पी-3 राष्ट्रों ने एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र में मसूद को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित करने के लिए प्रस्ताव दिया। ये चौथी बार था जब जैश के सरगना को वैश्विक आतंकी घोषित करने की कोशिश की गई।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बीच उत्तराखंड में भी प्रश्नपत्र लीक का…
केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बड़ा बदलाव करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को…
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर चल रहा छात्रों का आंदोलन…
उत्तराखंड के चमोली विकास परियोजनाओं को नई रफ्तार देते हुए राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह…
उत्तराखंड के चमोली जिले स्थित श्री बद्रीनाथ धाम में दान के प्रबंधन को लेकर सामने…
दिल्ली में झुग्गी बस्तियों को हटाकर लोगों को पुनर्वास स्थलों पर भेजने की प्रक्रिया पर…
This website uses cookies.