लक्ष्मीपुर के सहसपुर मुख्य बाजार में 12 साल की बच्ची को एक बेकाबू ट्रक ने कुचल दिया। हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद ड्राइवर ट्रक को वहीं छोड़ कर फरार हो गया है।फोटो: सोशल मीडिया

निर्भया गैंगरेप के चारों दोषियों की फांसी कुछ दिनों के लिए और टल गई है। अब चारों को एक फरवरी को सुबह 6 बजे फांसी पर लटकाया जाएगा।

गौरतलब है कि दिल्ली की पटियाला हाऊस कोर्ट ने  22 जनवरी को फांसी की तारीख तय की थी, लेकिन इसके बाद चारो दोषियों में से एक मुकेश सिंह ने राष्ट्रपति के पास दया याचिका लगा दी थी। रामनाथ कोविंद के दया याचिका खारिज करने के बाद अब कोर्ट ने नई तारीख दी है। आपको बता दें कि डेथ वारंट जारी होने के 14 दिन के बाद ही किसी भी दोषी को फांसी दी जा सकती है। ये 14 दिन उसे अपने निजी काम निपटाने के लिए दिये जाते हैं। इससे पहले गुरुवार रात गृह मंत्रालय ने राष्ट्रपति कोविंद के पास दया याचिका की फाइल भेजी थी और उसे खारिज करने की सिफारिश की थी।

नई तारीख मिलने पर मां ने क्या कहा?

फांसी में देरी होने पर निर्भया की मां आशा देवी ने नाराजगी जताई है। नई तारीख जारी होने पर उन्होंने कहा कि जब तक दोषियों को फांसी पर नहीं लटका दिया जाता, तब तक उनकी बेटी को इंसाफ नहीं मिलेगा। उन्होेंने कहा मुझको पिछले सात साल से तारीख पर तारीख दी जा रही है। आशा देवी ने सिस्टम पर सवाल उठाते हुए कहा कि हमारा सिस्टम ऐसा है कि जहां दोषी की सुनी जाती है। हमेशा गुनहगारों का ही मानवाधिकार देखा जा रहा है। हमारा मानवाधिकार कोई नहीं देख रहा है।

निर्भया के साथ क्या हुआ था?

16 दिसंबर 2012 को 23 साल की निर्भया के साथ राजधानी दिल्ली में चलती बस में गैंगरेप किया गया था। गैंगरेप के बाद दरिंदों ने बुरी तरह से उसे पीटा और चलती बस से फेंक दिया था। इसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी मौत हो गई। दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जिनमें से एक नाबालिग था। वहीं एक आरोपी राम सिंह ने तिहाड़ जेल में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। बाकी चार दोषियों मुकेश, पवन, अक्षय और पवन को फांसी को सजा दी गई है।

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