देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन जल्द होगी शुरू, रेलवे ने की तैयारी, 1200 HP और अनूठी खासियत
Hydrogen Train: भारतीय रेलवे ने ‘ग्रीन मोबिलिटी’ की दिशा में बड़ा और अहम कदम बढ़ाया है। देश में डल्द ही पहली हाइड्रोजन ट्रेन (Hydrogen Train) चलेगी। हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन का सफल परीक्षण पूरा कर लिया गया। ट्रेन में 1,200 एचपी इंजन, स्वदेशी तकनीकी डिजाइन और पर्यावरण हितैषी संचालन शामिल है। इसकी शुरुआत जिंद–सोनीपत (हरियाणा) रूट पर संभावित रूप से 31 मार्च 2025 तक प्लान की गई थी और अब इसके व्यावसायिक लॉन्च की तैयारी अंतिम चरण में है।
हाइड्रोजन ट्रेन की खासियत क्या है?
शून्य-निर्गमन (Zero Emission): यह ट्रेन हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के मिलन से उत्पन्न बिजली पर चलेगी, और इसके इस्तेम से सिर्फ पानी बन कर निकलता है- इससे कोई प्रदूषण नहीं होता।
शक्तिशाली क्षमता: 1,200 एचपी इंजन इसे विश्व की सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेन बनाता है।
स्पीड और रेंज: यह ट्रेन 110 किमी/घंटा तक की रफ्तार पकड़ सकती है, और एक बार चार्ज में लगभग 180 किमी तक चल सकती है।
लागत में बचत: लंबे समय में यह डिजल ट्रेनों की तुलना में ₹18–33 करोड़ तक बचत कर सकती है।
पर्यटन मार्गों पर तैनाती योजना: रांची-हिमालयी धरोहर मार्गों जैसे–दार्जिलिंग हिमालयन, कालका–शिमला और नीलगिरी माउंटेन रेल जैसी रूटों पर इसका (Hydrogen Train) परिचालन करने की योजना है।
परीक्षण और लागत विवरण
पहली परीक्षा: 25 जुलाई 2025 को चेन्नई के ICF में ट्रेन को सफलतापूर्वक परीक्षण पर रखा गया था।
अंतिम चरण में लॉन्च की तैयारी: ₹136 करोड़ की परियोजना के तहत यह ट्रेन अंतिम प्रमाणन और परीक्षणों से गुजर रही है, जिससे वाणिज्यिक परिचालन जल्द शुरू होगा।
पर्यावरण और नीति उद्देश्य
यह पहल भारतीय रेलवे की ‘नेट-ज़ीरो कार्बन’ नीति का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य 2030 तक कार्बन उत्सर्जन समाप्त करना है।
‘Hydrogen for Railways’ कार्यक्रम के तहत 35 हाइड्रोजन ट्रेनें (Hydrogen Train) विकसित करने की योजना है, और इसके लिए ₹2,800 करोड़ से अधिक का बजट आवंटित किया जा चुका है।