फोटो: सोशल मीडिया
उत्तराखंड में गेस्ट टीचर्स को कंफर्म किया जा सकता है। देहरादून में हुई कैबिनेट मीटिंग को इसको लेकर चर्चा की गई है।
कैबिनेट की मीटिंग में ये फैसला हुआ है कि अतिथि शिक्षकों की तैनाती वाले स्कूलों में नई नियुक्तियां नहीं की जाएंगी। इसके साथ ही स्थायी शिक्षक की नियुक्ति होने पर स्कूलों से हटाए गए गेस्ट टीचर्स को दूसरी जगह तैनाती दी जाएगी। मीटिंग में ये भी फैसला लिया गया कि गेस्ट टीचर्स अपने गृह जिले में भी सेवाएं दे सकेंगे। इस तरह प्रदेश में फिलहाल 4418 अतिथि शिक्षकों के पदों को अब खाली नहीं माना जाएगा। लोक सेवा और अधीनस्थ कर्मचारी चयन आयोग से चुनकर आने वाले एलटी और प्रवक्ता की पोस्टिंग के लिए अतिथि शिक्षकों को नहीं हटना होगा। इस नई व्यवस्था के तहत अतिथि शिक्षकों के पदों को एक तरह से स्थायी मान लिया गया है।
प्रदेश में अभी तक के नियम के मुताबिक स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति होने पर अतिथि शिक्षकों को हटा दिया जाता था। पिछले दिनों भी एलटी से प्रवक्ता पद पर प्रमोशन और नए प्रवक्ताओं की नियुक्ति की वजह से कई गेस्ट टीचर्स की नौकरी गई थी। चार जुलाई की कैबिनेट बैठक में अतिथि शिक्षक के हित में उनके पदों को रिक्त न मानने पर सहमति बन गई थी, लेकिन आदेश जारी नहीं हुआ था। अब कैबिनेट ने इस पर विधिवत निर्णय कर दिया है।
सरकार के फैसले से Uttarakhand Guest Teachers खुश हैं, लेकिन स्थायी शिक्षक नाराज हो गए हैं। शिक्षक संघ का कहना है कि अतिथि शिक्षकों के पद रिक्त नहीं माने जाते हैं, तो स्थायी शिक्षकों के प्रमोशन और ट्रांसफर प्रभावित होंगे। इसलिए सरकार को अपने फैसले पर फिर से विचार करना चाहिए।
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