मलिन बस्तियों के नियमितीकरण और सौंदर्यीकरण की मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की घोषणा को कांग्रेस के पूर्व विधायक राजकुमार ने एक चुनावी स्टंट करार दिया है।
उनका आरोप है कि सरकार मलिन बस्तियों को सिर्फ और सिर्फ चुनावी नज़रिए से देखती है लिहाज़ा चुनाव के छह माह पूर्व ही ऐसे चुनावी स्टंट खेल रहे है। राजकुमार का कहना है किप्रदेश में मलिन बस्तियों की संख्या 582 है। शहरी क्षेत्रों की इन बस्तियों को चुनावी लिहाज़ से खासा असरकारी माना जाता है, इसलिए चुनाव नजदीक आते देख मुख्यमंत्री ने मलिन बस्तियों में सौंदर्यीकरण की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को वाकई अगर मलिन बस्तियों और वहां रहने वाले व्यक्तियों की चिंता होती तो पिछले चार सालों में सरकार मलिन बस्तियों मालिकाना हक, नियमितीकरण और सौंदर्यीकरण जरूर करती।
पूर्व विधायक राजकुमार ने आरोप लगया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में मलिन बस्तियों के लिए 400 करोड़ रुपये की नियमावली लाई गई थी, और योजना कैबिनेट ने भी मंजूरी दी थी,लेकिन मौजूदा सरकार ने उस नियमावली को वहीं पर रोक दिया। मलिन बस्तियों के लिए आज तक भाजपा सरकार ने कुछ भी नहीं किया । साथ ही राजकुमार ने दावा कि मुख्यमंत्री ने जो बात मलिन बस्तियों के सौंदर्यीकरण के लिए की है की घोषणा की है, वह सिर्फ घोषणा बनकर रह जाएगी।
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