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लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कुछ ऐसा हुआ कि BJP की भद पिट गई!

लोकसभा में मंगलवार को अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कुछ ऐसा हुआ कि बीजेपी की भद पिट गई।

बीजेपी के बड़े सांसद निशिकांत दुबे कांग्रेस और विपक्षी दलों पर परिवारवाद को लेकर निशाना साध रहे थे, तभी संसद टीवी के किसी कैमरामैन ने कैमरे को ज्योतिरादित्य सिंधिया, किरेन रिजीजू और अनुप्रिया पटेल की तरफ मोड़ दिया। अब आप कहेंगे भाई इसमें ऐसा क्या है कि बीजेपी की भद्द पिट गई। तो रुको जरा, बता रहे हैं। दरअसल यह तीनों जो है ना बीजेपी के सांसद भी हैं, और तीनों मौजूदा केंद्रीय मंत्री भी हैं। तीनों का परिवार राजनीति में रहा है। यह नहीं बीजेपी में परिवारवाद की बहुत लंबी लिस्ट है जो खोल कर रख रहा हूं।

जिन तीन लोगों के चेहरे की तरफ कैमरा पैन हुआ था, उनमें बीजेपी सांसद किरेन रिजिजू के पिता  रिंचिन खारू अरुणाचल के पहले प्रो टर्म स्पीकर थे, जिन्होंने पहली राज्य विधानसभा के सदस्यों को शपथ दिलाई थी। यानि वो लीडर ही थे। मिस्टर ज्योतिरादित्य सिंधिया मरहूम कांग्रेस नेता और केंद्रीय मंत्री माधवराव सिंधिया के बेटे हैं, यही नहीं, वो जनसंघ/जनता पार्टी/बीजेपी की कद्दावर नेता रहीं दिवंगत विजयाराजे सिंधिया के पोते हैं, जिनकी तरफ कैमरा घूमा उनमें तीसरा चेहरा रहीं अनुप्रिया पटेल केंद्रीय मंत्री हैं यानि मोदी जी की मंत्री, और उनके पति आशीष पटेल यूपी की योगी सरकार में राज्यमंत्री हैं। लेकिन बीजेपी में तो परिवारवाद है ही नही निशिकांत दुबे जी।

वंशवाद की राजनीति को लेकर कांग्रेस पर पिछले कई दशकों से सवाल उठते आए हैं। बीजेपी और खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तमाम चुनावी जनसभाओं में इसका जिक्र करते हैं और कांग्रेस को एक परिवार की पार्टी बताते हैं। लेकिन जरा ये भी जान लीजिए कि गृह मंत्री अमित शाह के बेटे जय शाह भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव हैं, क्रिकेट में उनका क्या योगदान है ये तो पता नहीं। राजनाथ सिंह के बेटे पंकज सिंह यूपी से बीजेपी विधायक और साइक्लिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष हैं। कर्नाटक की पिछली बीजेपी सरकार में मुख्यमंत्री रहे बसवराज बोम्मई के पिता एस.आर. बोम्मई, 1988-89 में कर्नाटक के मुख्यमंत्री रहे थे। हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के बेटे अनुराग ठाकुर साहब, मोदी साहब की केंद्र सरकार में मंत्री हैं। महाराष्ट्र के बड़े बीजेपी नेता नारायण राणे के बेटे नितेश राणे विधायक हैं।

कई बार राजस्थान की मुख्यमंत्री रहीं वसुंधरा राजे के बेटे धुष्यंत सिंह बीजेपी के सांसद हैं। बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री वेद प्रकाश गोयल के बेटे पीयूष गोयल केंद्रीय मंत्री हैं। अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में मंत्री रहे देबेंद्र प्रधान के बेटे धर्मेंद्र प्रधान केंद्रीय शिक्षा मंत्री हैं, और रिनचिन खारू के बेटे किरेन रिजिजू के बारे में भी आप सब जानते ही हैं, वो बीजेपी सांसद हैं, कुछ महीने पहले तक देश के कानून मंत्री थे। ऐसे में जरूरत इस बात की है कि बीजेपी के नेता जब बेशर्मी से परिवारवाद पर भाषण दें तो अपने खेमें में पहले नज़र डाल लें। इससे शर्मिंदा होने का खतरा कम रहेगा।

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