फोटो: सोशल मीडिया
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के सेवराई तहसील क्षेत्र के बारा न्याय पंचायत के तहत आने वाली कई गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। इलाके की दोनों प्रमुख नदियां, गंगा और कर्मनाशा इस समय अपने उफान पर हैं। खास तौर पर कर्मनाशा नदी में जलस्तर तेजी से बढ़ने से इलाके के ग्रामीणों में खौफ का माहौल है।
बाढ़ की आशंका उस समय और गहराई जब नौगढ़ बांध से 5568 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जो मूसाखांड और लतीफशाह बीयर होते हुए सीधे कर्मनाशा नदी में पहुंच रहा है। इससे नदी के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि देखी गई है।
मगरखाई गांव में बाढ़ का पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया है। यहां स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय भी जलमग्न हो चुका है। बारा गांव के भी आंतरिक हिस्सों में पानी घुसने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय किसानों ने बताया कि उनके खेत पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। धान और अरहर की फसलें डूब गई हैं। इलाके के लोगों ने बताया कि अगर जलस्तर और बढ़ा, तो गांवों में भी भारी नुकसान होगा।
भतौरा, दलपतपुर, सायर और राजमलबांध जैसे तटीय गांवों में खेतों में खड़ी धान, चारी और अरहर की फसलें पूरी तरह जलमग्न हो चुकी हैं। कई ग्रामीणों के घरों में पानी घुस गया है, जिससे लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
पहाड़ी में लगातार हो रही बारिश की वजह से बांधों में पानी का बहाव तेज हो गया है। नौगढ़ बांध का जलस्तर बढ़ने पर प्रशासन ने एहतियात के तौर पर बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा। इसका सीधा असर कर्मनाशा नदी पर पड़ा है, जिससे आसपास के गांवों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है।
(यूपी के गाजीपुर से न्यूज़ नुक्कड़ के लिए इजहार खान की रिपोर्ट)
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