फोटो: सोशल मीडिया
उत्तराखंड में एक तरफ जहां लोग कोरोना से त्रस्त हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ जगहों पर डॉक्टरों की लापरवाही भी लोगों के लिए मुश्किलें खड़ी कर रहा है।
हरिद्वार में डॉक्टरों की लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है। डॉक्टरों ने एक पुलिसकर्मी को कोरोना संक्रमित बताकर कोरोना सेंटर में आइसलेट कर दिया, लेकिन जब दो दिन बाद रिपोर्ट आई तो उसमें पुलिसकर्मी को नेगेटिव पाया गया। ये बात जांच के बाद सामने आई है। जिस पुलिसकर्मी को संक्रमित बताकर आईसोलेट किया गया वो बुगावाला थाने में चालक के पद पर तैनात है।
बताया जा रहा है कि 29 अगस्त को पुलिसकर्मी की जांच रिपोर्ट में स्वास्थ्य विभाग ने पॉजिटिव बताया। इसके बाद पुलिस कर्मी को 1 सितंबर को हरिद्वार के सचिन इंटरनेशनल होटल में संचालित कोविड सेंटर में भर्ती करा दिया गया। बाद में जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई।
पीड़ित पुलिसकर्मी के मुताबिक, इस संबंध में जब उसने आला अफसरों और स्वास्थ्य विभाग से इस मामले की शिकायत की तो उन्होंने भी पल्ला झाड़ लिया। साथ ही पुलिसकर्मी को दो चार दिन आइसोलेशन में रहने के लिए कहा। परेशानी की बात ये है कि पुलिसकर्मी को जिस कोविड सेंटर में रखा गया है वहां, कोरोना के कई मरीज भर्ती हैं। ऐसे में उनके बीच पुलिसकर्मी को कोरोना संक्रमित होने का डर सर सता रहा है।
वहीं, हरिद्वार सीएमओ ने कहा कि उन्हें इस केस की जानकारी है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा मेडिकल रिपोर्ट की जांच की जाएगी और जांच के बाद किसी की लापरवाही सामने आई तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
होली के बाद आपसी मेल-मिलाप और संवाद को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रेस क्लब…
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर के सेवराई तहसील क्षेत्र के विभिन्न ग्राम पंचायत में लाखों से…
उत्तराखंड के टिहरी जिले के घनसाली में बड़ी विकास सौगात दी गई है। घनसाली में…
उत्तराखंड के बागेश्वर के बैजनाथ में 21 दिन की मासूम की मौत का मामला सामने…
उत्तराखंड के चमोली जिले के गोपेश्वर क्षेत्र में 15 वर्षीय नाबालिग के साथ कथित दुष्कर्म…
उत्तराखंड में चंपावत खड़ी होली महोत्सव का विधिवत आगाज़ हुआ। इस कार्यक्रम का शुभारंभ राज्य…
This website uses cookies.