चमोली के बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान लागू करने के लिए शासन ने जमीनी स्तर पर काम शुरू कर दिया है।
मंगलवार को पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने बदरीनाथ धाम में तीर्थ पुरोहितों, हक-हकूकधारियों और व्यापारियों के साथ मीटिंग की। इस बैठक में उन्होंने सभी से मास्टर प्लान पर राय-मशविरा किया। मीटिंग में दिलीप जावलकर ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से लागू होने वाली बदरीनाथ महानिर्माण योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजक्ट में शामिल है। आपको बता दें कि मास्टर प्लान के तहत केदारपुरी की तर्ज पर बदरीशपुरी को संवारा जाना है।
गौरतलब है कि योजना के लिए 424 करोड़ का बजट प्रस्तावित है। मास्टर प्लान लागू होने से धाम में सुविधाओं का विस्तार होगा। इसका फायदा तीर्थ यात्रियों को तो होगा ही, साथ ही स्थानीय लोगों को भी इसका फायदा मिलेगा। मीटिंग के बाद पर्यटन सचिव ने नारायण पर्वत, माता मूíत मार्ग, ब्रह्मकपाल, तप्तकुंड क्षेत्र, बामणी गांव मार्ग स्थानों का निरीक्षण भी किया।
क्या है मास्टर प्लान?
इस प्लान के तहत बदरीनाथ में तीन चरणों में विकास से जुड़े काम होंगे। पहले चरण में शेष नेत्र और बदरीश झील का सौंदर्यीकरण होना है। जबकि दूसरे चरण में बदरीनाथ धाम परिसर और आसपास के स्थलों के सौंदर्यीकरण के साथ विस्तार किया जाना है। वहीं तीसरे और आखिरी फेज शेषनेत्र झील से बदरीनाथ मंदिर तक आस्था पथ निर्माण किया जाएगा।
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