जस्टिस राघवेंद्र सिंह चौहान को उत्तराखंड हाईकोर्ट का नया चीफ जस्टिस बनाया गया है।
तेलंगाना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस राघवेंद्र सिंह चौहान को नैनीताल हाईकोर्टा का मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश सुप्रीम कोर्ट की कोलेजियम ने की है। जुलाई में चीफ जस्टिस रमेश रंगनाथन के रिटायर होने के बाद वरिष्ठ न्यायमूर्ति रवि मलिमठ कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यरत हैं। तेलंगाना हाईकोर्ट में अपने डेढ़ साल के कार्यकाल में चीफ जस्टिस चौहान ने जस्टिस सिस्टम में काफी सुधार किया है।
जस्टिस चौहान ने राजस्थान हाईकोर्ट से जून 2005 में एक जज के रूप में अपना सफर शुरू किया था। मार्च 2015 में कर्नाटक उच्च न्यायालय में ट्रांसफर कर दिया गया था। वो एक वरिष्ठ न्यायाधीश के रूप में तेलंगाना उच्च न्यायालय में आए। अप्रैल 2019 में चीफ जस्टिस बन गए। सुप्रीम कोर्ट की सिफारिश के बाद विधि एवं न्याय मंत्रालय की ओर से नियुक्ति की अधिसूचना जारी की जाएगी। कोविड -19 प्रबंधन और सार्वजनिक स्वास्थ्य मामलों और झीलों के प्रबंधन जैसे प्रमुख मुद्दों को व्यवस्थित करने से उन्हें काफी तारीफ मिली। उन्होंने महामारी और प्रवासी श्रमिकों के बारे में नौकरशाहों और राज्य प्रशासन को संवेदनशील बना दिया। लॉकडाउन के दौरान बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिकों के लिए एक सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने में उनके प्रयास की सराहना की गई।
उधर नैनीताल हाईकोर्ट के सीनियर जज सुधांशु धूलिया को गुवाहाटी हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। न्यायाधीश सुधांशु धूलिया का जन्म 10 अगस्त 1960 को देहरादून में हुआ और उनकी प्रारंभिक शिक्षा दीक्षा भी देहरादून से हुई। सुधांशु धूलिया ने 1986 में एलएलबी की परीक्षा उत्तीर्ण की और इलाहाबाद हाईकोर्ट से वकालत शुरू की।
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