नैनीताल के कॉर्बेट नेशनल पार्क में एक हफ्ते में दो टाइगर की मौत से पार्क प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
एक बाघ का शव शनिवार को मिला जबकि दूसरे बाघ का शव 15 मार्च को मिला था। गौर करने वाली बात ये है कि दोनों बाघों के शवों की एक जैसी स्थिति थी। फिलहाल पार्क प्रशासन के अधिकारी मौत की वजह बाघों के आपसी संघर्ष को मान रहे हैं, लेकिन हत्या के शक से भी इनकार नहीं कर रहे हैं। अब हमलावर बाघ का पता लगाने के लिए वन के अंदर कैमरे लगा दिए हैं। कॉर्बेट प्रशासन के अधिकारियों ने आशंका जताई है कि दोनों बाघों ने किसी ताकतवर बाघ के हमले में अपनी जान गंवा दी है। मगर फिर भी इस बात पर यकीन करना मुश्किल है। 15 मार्च को जिस बाघ का शव मिला था उसका पिछला हिस्सा किसे जंगली जानवर द्वारा खाया हुआ गया लग रहा था और उसकी नाक और गले की हड्डी टूटी हुई थी। जिसके आधार पर वन विभाग ने उसकी मौत का कारण आपसी संघर्ष होना बताया था।
6 दिन के बाद ही शनिवार को उसी जगह पर वन कर्मियों को गश्त के दौरान तकरीबन 4 साले के एक और बाघ का शव मिला और इस बाघ के शव का पिछला हिस्सा भी किसी जंगली जानवर द्वारा खाया गया था। इसके बाद से ही कॉर्बेट प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। कॉर्बेट के पशु चिकित्सक दुष्यंत शर्मा का कहना है कि बीते शनिवार को मिले गए बाघ के शव का पोस्टमार्टम किया गया और उसके बाद शव को नष्ट कर दिया गया। पार्क के रेंजर ने बताया कि बाघों के बीच आपस में ही लड़ाई होती रहती है, इसमें अक्सर कमजोर बाघ की जान चली जाती है।
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