जोशीमठ में फिर मंडराने लगे खतरे के बादल! सिंहधार और नृसिंह मंदिर के बीच फूटी पानी की धार
उत्तराकंड के जोशीमठ में एक बार फिर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं।
उत्तराकंड के जोशीमठ में एक बार फिर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं।
उत्तराखंड सरकार ने जोशीमठ आपदा प्रभावितों को बड़ी राहत दी है।
जोशीमठ में भू-धंसाव के 29 दिन भी इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाल जा सका है।
उत्तराखंड के जोशीमठ में भू-धंसाव की वजह से लोगों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।
उत्तराखंड के चमोली जिले के जोशीमठ में बर्फबारी और ठंड की वजह से राहत और बचाव कार्य भी प्रभावित हुई है।
उत्तराखंड के पर्यटन, लोक निर्माण, पंचायती राज, ग्रामीण निर्माण, सिंचाई, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने गुरुवार को जोशीमठ का दौरा किया।
उत्तराखंड सरकार ने जोशीमठ के प्रभावितों में से 130 परिवारों को पीपलकोटी में स्थायी तौर पर पुनर्वासित करने का निर्णय लिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने जोशीमठ के संकट को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने के लिए हस्तक्षेप की मांग वाली याचिका पर विचार करने से मना कर दिया है।
उत्तराखंड के जोशीमठ में सड़कों और घरों में दरारें मुख्य रूप से हिमालय जैसे बेहद नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र में हो रहे बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे के विकास के कारण…
केंद्रीय गृह मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के सदस्य सोमवार को उत्तराखंड के जोशीमठ शहर का दौरा करेंगे और वहां जमीन धंसने की बढ़ती चिंताओं…