उत्तराखंड स्पेशल: 82 साल बाद 11वें साल में पड़ रहा कुंभ..तब हुआ था दर्दनाक हादसा!
82 साल बाद इस बार हरिद्वार कुंभ बारह की बजाय ग्यारह साल बाद पड़ रहा है। 11 साल बाद कुंभ पड़ने पर दर्दनाक कहानी जुड़ी है। 1938 में कुंभ के…
82 साल बाद इस बार हरिद्वार कुंभ बारह की बजाय ग्यारह साल बाद पड़ रहा है। 11 साल बाद कुंभ पड़ने पर दर्दनाक कहानी जुड़ी है। 1938 में कुंभ के…
उत्तराखंड को पर्यटन का स्वर्ग कहा जाता है। हर साल यहां लाखों की तादाद में टूरिस्ट हसीन वादियों का दीदार करने के साथ-साथ चार धाम यात्रा करने पहुंचते हैं।
उत्तराखंड देवों की भूमि है। यहां दूसरे प्रदेशों की तुलना में कहीं ज्यादा मंदिर है और हर मंदिर की अपनी खासियत है। कुछ के अपने रहस्य भी।
चमोली जिले में रूपकुंड झील है। इस झील को कंकाल झील से भी जाना जाता है। घने जंगलों से घिरी यह झील हिमालय की दो चोटियों त्रिशूल और नंदघुंगटी के…
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में भी जबरदस्त स्नोफॉल के बाद पूरी इलाका बर्फ की चादर से ढक गया है।
ऋषिकेश में एक ऐसा मंदिर है। कहा जाता है कि यहां भगवान शिव का मंदिर और मंदिर की हर घंटी से अलग-अलग ध्वनि निकलती है।
क्या आपने कभी सोचा है कि कोई पेड़ इंसानों की तरह हरकत कर सकता है। शायद सपने में भी नहीं।
हल्द्वानी के करीब कॉर्बेट से सटे घने जंगलों में एक ऐसा अनोखा मंदिर हैं जहां मंदिर में प्रसाद में धारदार हथियार चढ़ाए जाते हैं।
देहरादून में मसूरी रोड पर स्थित प्रकाशेश्वर महादेव मंदिर के प्रशासन का मानना है कि भगवान धन, ऐश्वर्य, छप्पन भोग वगैरह के नहीं, बल्कि भाव के भूखे होते हैं। इसी…
कोरोना से लड़ाई के मोर्चे पर पिछल दो दिनों से अच्छी खबर आई है। पिछले दो दिनों से देश में कोरोना के नए केस में कमी आई है।