Category: उत्तराखंड स्पेशल

उत्तराखंड: दारमा घाटी..जहां पांडवों ने पांच चूल्हे लगाकर बनाया था अंतिम भोजन, खूबसूरती आप निहारते रह जाएंगे

शीतल आबोहवा, हरेभरे मैदान और खूबसूरत पहाड़ियां, ऐसा लगता है जैसे प्रकृति ने उत्तराखंड अपने अनुपम सौंदर्य की छटा दिल खोल कर बिखेरी है।

उत्तराखंड स्पेशल: जिस मकसद से प्रदेश की स्थापना हुई थी वो पूरा हुआ क्या?

लंबी लड़ाई के बाद 9 नवंबर 2000 को उत्तराखंड राज्य की स्थापना इस मकसद से हुई थी कि क्षेत्र का विकास होगा। जिससे स्थानीय लोगों का पलायन रुकेगा।

उत्तराखंड: मसूरी घूमने का प्लान बना रहे तो शहर की खासियत जान लीजिये

मसूरी एक बहुत ही खूबसूरत हिल स्टेशन है, जो जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर की दूरी पर है। यह हिल स्टेशन गढ़वाल हिमालय पर्वतमाला की तलहटी पर स्थित है।

उत्तराखंड स्पेशल: रहस्यों से भरा है बैरास कुंड, पढ़िये यहां रावण ने क्यों दी थी 9 सिरों की बलि?

ऐसा माना जाता है कि पहाड़ों से घिरी ये धरती शिव और उनके भक्तों की भूमि है। यहीं पर एक जगह है दशोली का बैरास कुंड।

उत्तराखंड का 20 साल का सफर, जानिये कब, कौन, कितने दिन रहा मुख्यमंत्री?

उत्तराखंड को राज्य बने 20 साल हो गए हैं। इन 20 सालों में प्रदेश ने हर मोर्चे पर तरक्की की है और एक मुकाम हासिल किया है।

उत्तराखंड स्पेशल: देवभूमि का अमृत है टिमरु..बीपी, पेट और दांतों की हर बीमारी का है इलाज

टिमरु की छाल का इस्तेमाल दांतों का टूस्पेस्ट बनाने के लिए किया जाता है। जो दांतों की कई बीमारियों को बहुत ही फायदेमंद है। पहाड़ में इसका इस्तेमाल दातून के…

उत्तराखंड स्पेशल: पहाड़ी संस्कृति को करीब से जानना है तो चले आइये ‘बासा’, रोमांच से भरे किस्से भी सुनने को मिलेंगे!

पौड़ी से करीब 16 किलोमीटर दूर खिर्सू में बने होम स्टे बासा में आपको विशुद्ध पहाड़ी कल्चर देखने को मिलेगा।

उत्तराखंड स्पेशल: भगवान शिव के लिए मां लक्ष्मी ने खोदा था यहां कुंड, पढ़िये ताड़केश्वर मंदिर से जुड़ी रोचक जानकारी

भगवान शिव का ये ताड़केश्वर महादेव मंदिर सिद्ध पीठों में से एक है। बलूत और देवदार के जंगलों से घिरा ये मंदिर देखने में बहुत खूबसूरत लगता है।

उत्तराखंड की ये है वो खूबियां जो देश के दूसरे राज्यों से बनाती हैं खास, देवभूमि में बसता है सारा संसार!

उत्तराखंड को देवो की भूमि कहा जाता है। दून वैली पर बसी इसकी राजधानी देहरादून। हिंदुओं की आस्था के प्रतीक चारधाम बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री यहीं पर हैं।

उत्तराखंड: ठेले वाले के बेटे को IIT रुड़की में मिला दाखिला, निशांत की कहानी हर पहाड़ी युवा को जाननी चाहिए

कहते हैं कुछ कर गुजरने का जज्बा हो और इंसान ठान ले तो दुनिया की कोई भी ताकत उसे रोक नहीं सकती। देहरादून के कैलाशपुर गांव के निशांत मैनवाल ने…