उत्तराखंड: कुमाऊं मंडल में भीषण बारिश से 38 सड़कें बाधित, जानें कहां-कहां हुआ नुकसान

उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में मंगलवार रात से बुधवार सुबह तक हुई भीषण बारिश के चलते कुल 38 सड़कें बाधित हो गईं।

बागेश्वर में एएनएम और सीएसची सेंटर को नुकसान हुआ है। पिथौरागढ़ में एक व्यापारी के मोटर साइकिल समेत बहने की सूचना है। बागेश्वर जिले के कपकोट तहसील में अतिवृष्टि के चलते जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। सड़कें टूट गई हैं। मोबाइल नेटवर्क ध्वस्त हो गया है। मंगलवार रात से बुधवार सुबह तक लगभग 212 मिमी बरसात रिकार्ड की गई।

यहां सरयू नदी का जलस्तर यकायक बढ़ गया। बरसात के चलते 25 सड़कें अवरूद्ध हो गयी हैं। इनमें बागेश्वर-कपकोट राजमार्ग भी शामिल है। असी के निकट मलबा आने से राजमार्ग बाधित है। दो राज्य और तीन जिला मार्ग के अलावा 20 ग्रामीण सड़कें बंद हो गयी हैं। सरयू के किनारे असो में स्थित एएनएम सेंटर व सीएचओ केन्द्र अतिवृष्टि की भेंट चढ़ गए। यहां कृषि भूमि को भी नुकसान पहुंचा है।

पिथौरागढ़ जिला आपदा न्यूनीकरण व प्रबंधन केन्द्र के अनुसार जनपद में अतिवृष्टि के चलते मलबा आने से 13 सड़कें बंद हो गयी हैं। इनमें चीन सीमा को जोड़ने वाला तवाघाट-घटियाबगड़ मार्ग भी शामिल है। थल-मुनस्यारी राज्य मार्ग भी बंद बताया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाली 11 सड़कें भी बंद हैं।

पिथौरागढ़ जनपद में गाग नदी उफान पर है। जिले में मंगलवार रात से आज सुबह तक भीषण बरसात हुई है। बेरीनाग में 114 मिमी जबकि डीडीहाट में 50.50, धारचूला 46.80, पिथौरागढ़ 49.00, गंगोलीहाट 13.00 व मुनस्यारी में सबसे कम 12.20 मिमी बारीश दर्ज की गयी। बताया जा रहा है कि पांखू-कोटमन्या मोटर मार्ग पर देवीगाड के पास एक व्यापारी तेज बहाव की चपेट में आ गया और मोटर साइकिल समेत बह गया। प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची है। व्यापारी का शव गधेरे से मिला।

नैनीताल में नैनीताल-भवाली मार्ग पर भी मलबा आने से मार्ग बाधित हो गया था। दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गयीं। काफी देर तक पर्यटक फंसे रहे।

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