उत्तराखंड के मंत्री मदन कौशिक के सोशल मीडिया अकाउंट हैक, मचा हड़कंप

उत्तराखंड में शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक का सोशल मीडिया अकाउंट हैक किया गया है। मदन कौशिक इन दिनों अमेरिका की यात्रा पर हैं।

मंत्री मदन कौशिक का फेसबुक, ट्विटर, जी-मेल और इंस्ट्राग्राम हैक किया गया है। बताया जा रहा है कि कौशिक के एकाउंट्स को हैक करने की कोशिश पहले तुर्की से की गई। दूसरे प्रयास में हैकर स्लोवाकिया से यह सभी एकाउंट हैक करने में कामयाब हो गए। इस घटना के बाद उत्तराखंड के राजनीतिक गलियारों और राज्य पुलिस महानिदेशालय में हड़कंप मचा गया है।

मंत्री मदन कौशिक के सोशल मीडिया एकाउंट्स को हैक जाने की पुष्टि शनिवार को देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अरुण मोहन जोशी ने की है। उन्होंने बताया, “इस सिलसिले में मंत्री के स्टाफ कर्मी की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई है। थाने में शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद मामले की जांच उत्तराखंड साइबर-सेल को सौंप दी गई है।”

बताया जा रहा है कि इस मामले की शिकायत मंत्री के सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी सुमित भार्गव ने पुलिस से की है। उन्होंने कहा, “30 अक्टूबर की मध्य रात्रि में मंत्री का फेसबुक, ट्विटर, जी-मेल और इंस्ट्राग्राम एकाउंट्स हैक कर लिए जाने का पता चला।”

खबरों के मुताबिक, मंत्री मदन कौशिक के सोशल मीडिया एकाउंट्स ज्यादातर समय खुले ही रहते हैं। इन एकाउंट्स को मंत्री के पीआरओ यानि सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी द्वारा ही हैंडल किया जाता है। 31 अक्टूबर को सुबह करीब 6 बजे जब मदन कौशिक के सोशल मीडिया एकाउंट्स संचालित करने की कोशिश की गई, तो कोई भी एकाउंट नहीं खुला। तब इसके है किए जाने का पता चला।

देहरादून पुलिस के मुताबिक, हैक एकाउंट्स को जब संचालित करने की कोशिश की गई उसी वक्त, दो अनजान नंबरों से मैसेज आया। मैसेज के जरिये ‘कोड’ मांगा गया था। जवाब में कोड भेजने पर भी उधर से कोई उत्तर नहीं मिला। देहरादून पुलिस के एक उच्च पदस्थ सूत्र ने आईएएनएस को बताया कि बेखौफ हैकर्स ने व्हाट्सएप कालिंग भी की।

अब तक हुई पुलिस पड़ताल में पता चला है कि हैकर्स ने पहली कोशिश तुर्की से की थी। जिसमें उन्हें कामयाबी नहीं मिल सकी। दूसरी कोशिश स्लोवाकिया से जब की गई, तो सभी एकाउंट हैक हो गए। इसका पता भी जी-मेल ऑफिस के जरिए चला है।

गौरतलब है कि अमेरिका की यात्रा पर गए मंत्री मदन कौशिक के 8 नवंबर को भारत लौटने का कार्यक्रम है। उधर देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार जोशी के मुताबिक, “मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच में साइबर सेल के साथ-साथ स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप यानि एसओजी की टीम को भी लगाया गया है।”

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