रुद्रप्रयाग के राजकीय प्राथमिक विद्यालय ककोला के प्रिसिंपल चन्द्रमोहन नैथानी ने हजारों छात्रों को किताबें बांट कर मिसाल कायम कर दी। खास बात ये है कि नैथानी ने खुद के खर्चे से ना केवल अपने स्कूल के छात्रों को बल्कि आसपास के 20 दूसरे गरीब छात्रों को भी पढ़ाई की सामग्री बांटी हैं।फोटो: सोशल मीडिया

द्रप्रयाग के राजकीय प्राथमिक विद्यालय ककोला के प्रिसिंपल चन्द्रमोहन नैथानी ने हजारों छात्रों को किताबें बांट कर मिसाल कायम कर दी।

कोरोना महामारी के इस दौर में जब छात्रों को पढ़ाई का बहुत ज्यादा नुकसान हुआ है। कहीं ऑनलाइन क्लास की सुविधा नहीं होने की वजह से छात्र पूरे साल पढ़ नहीं पाए, तो कहीं महामारी के इस दौर में कई स्कूल छात्रों को किताबें तब बांट नहीं कर पाए। इस दौर में रुद्रप्रयाग के राजकीय प्राथमिक विद्यालय ककोला के प्रिसिंपल चन्द्रमोहन नैथानी ने हजारों छात्रों को किताबें बांट कर मिसाल कायम कर दी।

खास बात ये है कि नैथानी ने खुद के खर्चे से ना केवल अपने स्कूल के छात्रों को बल्कि आसपास के 20 दूसरे गरीब छात्रों को भी पढ़ाई की सामग्री बांटी हैं। इसके साथ उन्होंने 25 हजार लोगों को एंटी बॉडी बढ़ाने वाली दवाइयां भी बांटी। इससे पहले नैथानी राजकीय प्राथमिक विद्यालय बेड़ूबगड़ में कार्य करते हुए अपने खर्चे से छात्रों के बैठने के लिए बेंच और पढ़ने के लिए लाइब्रेरी भी बना चुके हैं।

इसके साथ ही चन्द्रमोहन नैथानी ने कोविड-19 में ड्यूटी करते हुए नोडल अधिकारी के तौर पर भी काम किया। इस दौरान उन्होंने सीएचसी अगस्त्यमुनि के डॉक्टरों के साथ सहयोग करते हुए कई गांवों में कोरोना के आरटीपीसीआर टेस्ट के लिए ग्रामीणों को प्रेरित किया। जिले में जब कोरोना के केस तेजी से बढ़ रहे थे तब नैथानी ने डॉक्टरों की मदद से एक हजार से ज्यादा लोगों को RT-PCR टेस्ट भी करवाया।

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