गाजीपुर: खजुरी पंचायत भवन बना शोपीस! ग्रामीणों को नहीं मिल रहीं बुनियादी सुविधाएं
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर के भदौरा ब्लॉक के खजुरी ग्राम पंचायत में लाखों रुपये खर्च करके बनाया गया पंचायत भवन जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही और उदासीनता की वजह से उपयोगहीन साबित हो रहा है। 15 से 20 लाख रुपये की लागत से बने इस भवन में न तो पंचायत सहायक बैठ रहे हैं और न ही सचिव, जिसके चलते ग्रामीणों को आय, जाति, निवास प्रमाणपत्र और खतौनी जैसी आवश्यक सुविधाओं के लिए आज भी ब्लॉक कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
लाखों खर्च, फिर भी सुविधाओं से वंचित ग्रामीण
सरकार की ओर से ग्रामीणों को गांव में ही सभी जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराने की मंशा से पंचायत भवनों का निर्माण कराया गया। भदौरा ब्लॉक की 46 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन बनाने के निर्देश दिए गए थे और ज्यादातर जगहों पर भवन एक वर्ष पहले ही बनकर तैयार हो चुके हैं। इन भवनों के लिए कम्प्यूटर, कुर्सी, मेज, आलमारी और इन्वर्टर जैसे जरूरी उपकरण भी खरीदे गए, लेकिन यह सामान पंचायत भवन में न लगकर ग्राम प्रधानों के घरों की शोभा बढ़ा रहा है।
पंचायत सहायक गायब, मानदेय जारी
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत सहायक अक्सर नदारद रहते हैं और फिर भी हर महीने मानदेय उठाते हैं। वहीं, ग्राम पंचायत अधिकारी के जिम्मे एक से अधिक गांवों का काम है और वे ज्यादातर समय ब्लॉक मुख्यालय पर ही बिताते हैं। इससे ग्राम पंचायत स्तर पर कामकाज ठप हो गया है और ग्रामीणों को छोटे-छोटे प्रमाणपत्र के लिए कई दिनों तक परेशान होना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम प्रधान भी समस्याओं को अनदेखा कर रहे हैं, जिससे भवन बनने के बावजूद यह सिर्फ ताले में बंद पड़ी इमारत बनकर रह गई है।
प्रशासन का जवाब
इस मामले पर भदौरा खंड विकास अधिकारी के. के. सिंह ने कहा कि खजुरी पंचायत भवन में जो भी कमियां हैं, उन्हें जल्द दूर किया जाएगा और भवन में नियमित रूप से कामकाज सुनिश्चित कराया जाएगा।
(यूपी के गाजीपुर से न्यूज़ नुक्कड़ के लिए इजहार खान की रिपोर्ट)