बिहार में कुल 40 लोकसभा की सीट है। जिसमें बेगूसराय लोकसभा की सीट काफी हाई प्रोफाइल सीट है। इस लोकसभा सीट पर बिहार के सभी नेताओं की नजर है।
इस सीट के लिए एनडीए गठबंधन के दल में शामिल जदयू के उम्मीदवार भी अपना दावेदारी कर रहे है। वहीं खबर ये भी है कि भाजपा भी इस सीट को भूल कर भी किसी दूसरे पार्टी को देना नहीं चाह रही है। 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार रहे डॉ भोला सिंह ने आरजेडी के उम्मीदवार मोहम्मद तनवीर हसन को हराकर सांसद बेगूसराय से बने थे, लेकिन अब उनका देहांत हो गया है । ऐसे में अब लोकसभा की इस बेगूसराय की सीट को कौन संभालेगा ?
एक समय में बेगूसराय को वामपंथियों का गढ़ माना जाता था, लेकिन सीपीआई के उम्मीदवार 2014 के लोकसभा के हुए चुनाव में यहां से तीसरे स्थान पर रहे थे। बेगूसराय में कुल 7 विधानसभा क्षेत्र हैं। जिसमें चेरिया बरियारपुर विधानसभा, बछवाड़ा, तेधड़ा, मटिहानी, साहेवपुर कमाल, बेगूसराय ,और बखरी विधानसभा की सीटे हैं । 1952 में जब पहली बार हुए आम चुनाव यहां से कांग्रेस प्रत्याशी मथुरा प्रसाद मिश्र जीते थे। वो 1962 तक लगातार तीन बार यहां से चुनाव जीते। 1962 में पहली बार यहां से सीपीआई की जीत हुई थी, और योगेंद्र शर्मा सांसद बने थे। 1971 में फिर कांग्रेस के श्याम नंदन मिश्र चुनाव जीते।
1989 में जनता दल के टिकट पर ललित विजय सिंह ने चुनाव लड़ा था और जीत दर्ज की थी। 1996 में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर रवींद्र कुमार ने चुनाव जीतकर सभी को चौंका दिया था, लेकिन 1998 में फिर इस सीट पर कांग्रेस ने अपना कब्जा जमाया। जनता दल से अलग होकर राष्ट्रीय जनता दल आरजेडी की स्थापना हुई थी। 1999 में बेगूसराय सीट से उम्मीदवार बन थे, राजवंशी महतो। उन्होंने चुनाव जीतकर सांसद बेगूसराय से बने थे। इसके बाद दो बार लगातार इस सीट पर जेडीयू का कब्जा रहा। 2004 में राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह और 2009 के चुनाव में डॉ० मोनाजिर हसन ने जेडीयू के टिकट पर बेगूसराय में चुनाव लड़े और जीते। अब 2019 में लोकसभा चुनाव को लेकर एनडीए उम्मीदवारों के बीच कयासों का बाजार काफी गर्म है।
सूत्रों के मुताबिक बीजेपी इस पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को बेगूसराय से लोकसभा का चनाव लड़ा सकती है। वहीं जेडीयू भी इस पर अपना दावा ठोक रही है। जेडीयू की तरफ से कई उम्मीदवार रेस में हैं। जेडीयू और बीजेपी में सीटों का बंटवारा तो काफी पहले ही हो चुका है, लेकिन किस सीट से किस पार्टी का प्रत्याशी चुनाव लड़ेगा ये अभी साफ नहीं है। अब ऐसे में ये देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी और जे़डीयू में से कौन इस सीट पर अपना उम्मीवार उतारेगा।
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