कोरोना वायरस से चीन समेत दुनिया कई देशों में कोहराम मचा हुआ है। इस जानलेवा बीमारी ने भारत को भी अपनी चपेट में ले लिया है।

देश में अब तक कोरोना वायरस के 40 मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में सभी राज्य अलर्ट पर हैं। इस बीमारी से हो रही मौतों से हर कोई डरा हुआ है। अकेले चीन में इस बीमारी से अब तक 3 हजार  लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग इसकी चपेट में हैं। दुनिया का कोई भी देश वो दवा तैयार नहीं कर पाया है, जिससे इसका इलाज किया जा सके। इस बीच इस बीमारी को ठीक करने के लिए दवा ढूंढने का दावा किया गया है।

मध्य प्रदेश की सरकार ने कोरोना वायरस से बचने के लिए ऐसी दवा तलाश की है, जो उत्तराखंड के अल्मोड़ा के मोहान में स्थित आईएमपीसीएल दवा फैक्टरी में सालों से बन रही है। आईएमपीसीएल का दावा है कि इस दवा के इस्तेमाल से कोरोना वायरस शुरुआती दौर में ही मर जाता है।

आईएमपीसीएल के मुख्य प्रबंधक मनजीत सिंहा ने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार से उन्हें एक पत्र मिला है, जिसमें उनसे यूनानी दवा ‘त्रियाके नजला’, ‘शर्बते उन्नाब’ और ‘हब्बे बुखार’ मांगी हैं। इन तीनों दवाइयों को आईएमपीसीएल सालों से बना रहा है। दावा किया गया है कि कोरोना वायरस की रोकथाम में ये तीनों दवाएं बेहद कारगर साबित हो सकती हैं।

मध्य प्रदेश के संचालनालय आयुष की सहायक संचालक डॉ. वंदना बोराना के पत्र से इस बात कि पुष्टि हुई है कि ये दवाइयां मध्य प्रदेश के 28 जिलों की सीएचसी, पीएचसी और हेल्थ सेंटर में सप्लाई की जाएंगी। कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीजों को ये दवाएं दी जाएंगी। मध्य प्रदेश सरकार ने 35 लाख 50 हजार रुपये की दवाइयों का ऑर्डर किया है।

आईएमपीसीएल के जनरल मैनेजर पनी राम आर्य ने बताया कि फैक्ट्री में ये तीनों दवाइयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। अगर दूसरी सरकारों को इसकी जरूरत पड़ती है तो उन्हें भी इन दवाइयों की आपूर्ति की जा सकती है।

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