उत्तराखंड के उत्तरकाशी में बादल फटने से 17 की मौत के बाद सीएम त्रिवेंद्र का बड़ा बयान, सरकार ने लिया ये बड़ा फैसला

उत्तराखंड में मॉनसून आने के बाद से राज्य के कई इलाकों में भारी बारिश, भूस्खलन और बादल फटने से भारी तबाही हुई है।

उत्तरकाशी के मोरी तहसील में बादल फटने से 17 लोगों की जान चली गई और कई लोग घायल हो गए। यहां पर बादल पटने से प्रभावित हुए लोगों से मुलाकात करने के लिए सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत देहरादून से रवाना हुए। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बात करते हुए बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अब उत्तराखंड में घर बनाने को लेकर रिसर्च करने जरूरत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के लोग नदी किनारे घर बनाते हैं। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान नदी किनारे के रिहायशी इलाकों को भारी नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि नदी किनारे घर बनाने से पहले अब लोगों को सोचने की जरूरत हैं। सीएम ने कहा कि भूवैज्ञानिक इस दिशा में रिसर्च करेंगे और यह जानने की कोशिश करेंगे कि आखिर आपदा में इन इलाकों में इतना नुकसान कैसे और क्यों हुआ। उन्होंने कहा कि नदी किनारे मकान या दुकान नहीं बनना चाहिए। सीएम ने कहा कि इसे लेकर कानून भी बनाया गया है। ऐसे में लोगों को जागरूक होने की जरूरत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आम तौर पर बारिश के दौरान एक समय में एक ही जगह पर बादल फटता है। उन्होंने कहा इस बार ये देखा गया कि एक समय में एक से ज्यादा स्थानों पर बादल फटे। उन्होंने कहा कि इस विषय पर भी अध्यन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार हिमाचल प्रदेश के संपर्क में है, क्योंकि बादल फटने की घटनाएं दोनों राज्यों के सीमाओं पर हुई हैं।

सीएम ने कहा, “केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह जी से मुलाकात की और राज्य में आपदा से हुए नुकसान की स्थिति के बारे में उन्होंने जानकारी दी। गृहमंत्री शाह ने पूरा भरोसा दिया है कि इस मुश्किल घड़ी में केंद्र सरकार हर समय साथ खड़ी है। राज्य में मौसम की मार से 32 लोगों की जान गई है, और करीब 175  करोड़ का नुकसान हुआ है।”

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