उत्तराखंड: चमोली में बादल फटने से भारी तबाही, कई गांव बहे, पुल और रास्ते मलबे में तब्दील

उत्तराखंड के चमोली जिले के गैरसैंण ब्लॉक के लामबगड़ गांव में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। सड़क और नालियां तबाह हो गई हैं। साथ ही कृषि भूमि को बड़े पैमाने पर नकुसान पहुंचा है।

बदल फटने से एक व्यक्ति की मौत भी हो गई है। गांव को जोड़ने वाली सड़क पूरी तरह से तबाह हो गई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि लामबगड़ गांव के बांजा जंगल धार खर्क में अचानक बादल फटने से इलाके में हड़कंप मच गया। बादल फटने के बाद बड़ी मात्रा में पानी और मलबा गांव की तरफ आने से गंगनहर, लामबगड़, रामगडेरी, बिष्ट बांखली और नेगी बांखली गांवों में तबाही मच गई। आसमान से बरसी आफत के बाद यहां के पांचों गांवों की नालियां और कुषि जोत मलबे में तब्दील हो गए हैं। वहीं गांवों को यातयात से जोड़ने वाली चैखुटिया सड़क तबाह हो गई है।

आसमानी आफत में रामगडेरी गांव के रामसिंह की गोशाला भी क्षतिग्रस्त हो गई है। जिस वक्त बादल फटा उस वक्त गोशाला मवेशी नहीं थे। ऐसे मवेशियों को निकसान नहीं पहुंचा। इसके आलावा रामगडेरी गांव को बाहरी क्षेत्र से जोड़ने वाली रामगदेरे पर बनी पैदल पुलिया बह गई है। गांव के बुजुर्ग बदर सिंह की मलबे में दबने से मौत हो गई।

अल्मोड़ा के चौखुटिया क्षेत्र में भी बादल फटने से भारी तबाही हुई है। यहां के खीड़ा में बादल फटने से कई घर तबाह हो गए हैं, वहीं रामगंगा नदी के उफान पर होने से पुलिस प्रशासन ने लोगों को गंगा किनारे न जाने का अलर्ट भी जारी किया है। चमोली जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने बताया कि बादल फटने के बाद राहत और बचाव की टीम के साथ पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचकर नुकसान का आंकलन कर रहे हैं।

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