फोटो: सोशल मीडिया
चमोली हादसे के छह दिन बाद भी लापता लोगों की तलाश पूरी नहीं हो पाई है।
अब तक 38 लोगों के शव बरामद हो चुके हैं। जबकि 166 लोग लापता बताए जा रहे हैं। जिला प्रशासन ने अधिशासी अभियंता आरडब्ल्यूडी और तहसीलदार के नेतृत्व मे टीम बनाई है, जो फोटो के आधार पर और स्थानीय लोगों की मदद से लापता लोगों की तलाश में जुटी है।
वहीं टनल से मलबा हटाने का काम अब भी जारी है। एनटीपीसी के अधिकारी ने बताया कि ‘तपोवन सुरंग में 11.6 मीटर पर पंक्चर कर दिया है। हम छेद को बड़ा करेंगे। इससे हम वहां पर पंपिंग की कोशिश कर सकेंगे।
चमोली में ग्लेशियर फटने के बाद कटे हुए गांवों को जोड़ने के लिए भारतीय सेना ट्रॉली का इस्तेमाल कर रही है। सेना के अधिकारियों का कहना है कि बाढ़ की वजह से एक फुटब्रिज टूट गया था, जिससे कई गांव को लोग कट गए थे। उन तक पहुंचने के लिए सेना ट्रॉली का इस्तेमाल कर रही है।
ऋषिगंगा के मुहाने पर झील बनने से एक बार फिर क्षेत्र में बाढ़ के हालात पैदा हो सकते हैं। शासन ने वाडिया, टीएचडीसी, एनटीपीसी और आईआईआरएस को जांच करने का आदेश दिया है।
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