देश में कोरोना वायरस आए दिन नए-नए रिकॉर्ड बना रहा है। तेजी से बढ़ते कोरोना के मामलों ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं।

महामारी के कहर के बीच उत्तराखंड कोरोना से लड़ाई में देश के लिए एक उम्मीद और मिसाल बनकर उभरा है। ये खबर उत्तराखंड वासियों के लिए भी राहत पहुंचाने वाली है। कोरोना रिकवरी दर के मामले में उत्तराखंड देशभर में तीसरे स्थान पर है। चंडीगढ़ पहले नंबर पर है और लद्दाख तीसरे नंबर पर है। चंडीगढ़ और लद्दाख दोनों ही केंद्र शासित प्रदेश हैं। ऐसे में राज्यों की सूची के लिहाज से देखा जाए तो उत्तराखंड फिलहाल रिकवरी के मामले में पहले नंबर पर है। यानी उत्तराखंड में कोरोना से ठीक होने वाले मरीज देशभर में सबसे ज्यादा हैं।

उत्तराखंड में कोरोना वायरस का पहला मामला 15 मार्च को दर्ज किया गया था। शुरुआत में कोरोना संक्रमण को लेकर स्थिति नियंत्रण में थी। बाद में  जमातियों के यहां पहुंचने के बाद राज्य में कोरोना केस तेजी से बढ़ने शुरू हो गए। इसके बाद भी हालात पर किसी तरह से काबू पाया गया। लेकिन जैसे ही लॉकडाउन-3 में छूट मिली प्रवासी घर लैटने शुरू हो गए। इसके बाद दसूरी बार राज्य में कोरोने के मामले काफी तेजी से बढ़ने शुरू हो गए। हालात दिन प्रतिदिन भयावह होते चलगे।

भारी संख्या में प्रवासियों के राज्य में लौटते ही स्थिति गड़बड़ा गई। लेकिन अब एक बार फिर हालात बेहत तेजी से सुधरे हैं। उत्तराखंड में जहां डबलिंग रेट 50.28 दिन हो गया है, वहीं स्वस्थ होने वाले मरीजों की तादाद भी काफी तेजी बढ़ रही है। जिस रफ्तार से कोरोना संक्रमण के मामले बढ़े हैं, उसी रफ्तार से राज्य में मरीज ठीक भी हो रहे हैं। मतलब ये कि सरकार और सवास्थ्य विभाग ने कोरोना को कंट्रल करने के लिए जो कदम उठाए थे, अब वो रंग दिखाने लगे हैं। उम्मीद है जल्द ही आने वाले समय में उत्तराखंड कोरोना मुक्त राज्य होने की मंजिल तक पहुंच जाएगा।

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