उत्तराखंड में बर्फबारी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिये हैं!

उत्तराखंड में शुक्रवार को पहाड़ी इलाकों में जमकर बर्फबारी हुई। वहीं मैदानी इलाकों में बारिश हुई। बर्फबारी और बारिश की वजह से ठंड और बढ़ गई है।

चमोली जिले में बारिश और बर्फबारी एक बार फिर लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। बर्फबारी की वजह से चमोली जिले में शनिवार को सभी प्राइवेट और सरकारी स्कूल में छुट्टी कर दी गई है। लगभग 85 गांव फिर से बर्फ के आगोश में समा गए हैं। उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग के कई गांव बर्फ के आगोश में हैं। वहीं मुंसियारी में बर्फबारी की वजह से ट्रैफिक बंद हो गया है।

बदरीनाथ धाम में करीब आठ और हेमकुंड साहिब में करीब दस फीट तक बर्फ जम गई है। बदरीनाथ धाम में पीने के पानी की पाइप तक में बर्फ जम गई है। यहां रह रहे लोगों को बर्फ पिघला कर किसी तरह पीने के पानी का इंतजाम करना पड़ा रहा है। वहीं कर्णप्रयाग, गौचर, आदिबदरी, गैरसैंण, नारायणबगड़, थराली, देवाल, लंगासू, नौली, बगोली इलाके में दिभर बारिश होती रही। देवाल में दो दिनों से लगातार हो रही बारिश और बर्फबारी से अधिकांश गांव बर्फ से ढक गए हैं। कई गांवों का आपस में ही संपर्क कट गया है। बताया जा रहा है कि रूपकुंड, वेदनी, आली, बगुवावास, आयजनटॉप, ब्रह्मताल व बगजी बुग्याल में तीन से चार फीट बर्फ पड़ने से पर्यटक लोहाजंग में रुके हैं। वांण, घेस, हिमनी, बलाण, पिनाऊं, कुलिंग, वांक, लोहाजंग, मुंदोली, रामपुर, तोरती, उदयपुर समेत 30 से अधिक गांवों बर्फ से ढके हैं।

रुद्रप्रयाग में भी बारिश और बर्फबारी लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। रुद्रप्रयाग के ऊपरी इलाकों में बर्फबारी हो रही जबिक निचले इलाकों में लगातार बारिश हो रही है। जिसका असर आम लोगों की जिंदगी पर पड़ रहा है। ठंड के चलते लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं। बाजारों में भी चहलकदमी कम रही।

केदारनाथ में भी बर्फबारी ने लोगों का जीना दुश्वार कर रखा है। केदारनाथ धाम समेत द्वितीय केदार मद्महेश्वर, तृतीय केदार तुंगनाथ, चोपता आदि क्षेत्रों में भारी बर्फबारी हुई है। जनपद में 50 से ज्यादा गांव फिर से बर्फ के आगोश में आ गए हैं।

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