नैनीलात: पहले करते थे अच्छी-खासी नौकरी, लॉकडाउन में हुए बेरोजगार तो बन गए लुटेरे

नैनीताल के बरेली रोड स्थित मार्बल व्यवसायी जयराम चौधरी की दुकान में लूट करने वाले तीन लोगों को गिरफ्तार किया।

देश में कोरोना को दस्तक दिए एक साल से ज्यादा वक्त हो चुका है। इस महामारी के दौर से देश अभी पूरी तरह से बाहर नहीं निकल पाया है। जबकि कोरोना पर काबू पाने के लिए देशभर में कई महीने तक लॉकडाउन लगाना पड़ा। जिसकी वजह से करोड़ों लोगों को अपनी नौकरी गंवानी पड़ी। अब जब हालात ठीक हो रहे हैं तो कुछ लोगों को भले ही नौकरी मिल गई हो, लेकिन कुछ लोग अभी भी बेराजगार हैं। ऐसे में ये कई लोगों ने पैसे की चाह में गलत रास्ता चुन लिया है। ऐसा ही एक मामला नैनीताल में सामने आया है। यहां बरेली रोड स्थित मार्बल व्यवसायी जयराम चौधरी की दुकान में लूट करने वाले तीन लोगों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने अपने जुर्म कबूल किया। आरोपियों ने बताया कि लॉकडाउन में वो बेरोजगार हो गए थे। काफी कोशिशों के बाद भी जब उन्हें नौकरी नहीं मिली तो उन्होंने लूट का प्लान बनाया।

आरोपियों के पास से पुलिस ने दो बाइक, दो तमंचा, चार कारतूस, चाकू, 3103 रुपये और आधार कार्ड बरामद किया गया है। सीओ भूपेंद्र सिंह धोनी के निर्देशन में पुलिस की तीन टीमें लुटेरों को पकड़ने के लिए लगाई गई। पुलिस ने 250 से अधिक सीसीटीवी के फुटेज खंगाले। घटना के पांच दिन बाद पुलिस को सर्विलांस और फुटेज से कुछ सुराग हाथ लग गए। बदमाशों ने एक स्थान पर बाइक में पेट्रोल भराते समय डेबिट कार्ड का प्रयोग किया था। इन सबूतों के आधार पर पुलिस बदमाशों का पीछा कर रही थी। आखिरकार पुलिस आरोपियों को पकड़ने में कामयाब रही।

क्या करते थे तीनों?
पुलिस की तहकीकात में सामने आया कि एक आरोपी कुलदीप 2009 से 2018 तक पैथोलॉजी का काम करता था। काम नहीं चलने पर वो टूरिस्ट बीजा पर नौ महीने के लिए जार्डन चला गया था। वहां नौकरी नहीं मिल सकी तो देश लौट आया। जबकि दूसरा अजय का नंधौर में ट्रैक्टर चलता है। तीसरा आरोपी सुनील मिश्रा सिड़कुल सितारगंज में पहले नौकरी करता था।

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