लोकसभा चुनाव के पहले चरण में उत्तराखंड की सभी पांच सीटों पर 11 अप्रैल मतदान हो चुके हैं। अब नतीजों का इतंजार है जो 23 मई को आएंगे।
राज्य की आम जनता से लेकर राजनीति दलों तक सभी के मन में यही सवाल है कि नतीजे किसके पक्ष में आएंगे। राज्य की 5 सीटों पर अपनी किस्मत आजमा रहे 52 उम्मीदवारों में से किसके सिर पर जीत का सेहरा बांधने के लिए जनता ने वोट डाला है? मतदान के बाद जो खबरें आ रही हैं वो बीजेपी के पक्ष में जीत की ओर इशारा कर रही हैं। राज्य की पांच सीटों में से ज्यादातर सीटों पर अगर बीजेपी के उम्मीदरवार जीतते हैं तो इसमें किसी को हैरानी नहीं होगी।
उत्तराखंड में अगर बीजेपी जीत का परचम लहराती है तो इसका श्रेय सीधे तौर पर राज्य के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत को जाएगा। उन्होंने एक कुशल सारथी के रूप में चुनाव प्रचार को आगे बढ़ाया और उसे अंजाम तक पहुंचाया। चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद मुख्यमंत्री ने राज्य में 43 से ज्यादा जनसभाएं कीं और जनता को ये समझाने की ये कोशिश की कि उसके लिए बीजेपी पहाड़ों में एक ऐसी किरण है जो प्रगति के पथ पर ले जा रही है और आगे भी ये सफर जारी रहेगा।
जब राज्य में त्रिवेंद्र सिंह रावत सत्ता में आए थे, उस वक्त उत्तराखंड राजनीतिक तौर पर उथल-पुथल से गुजर रहा था। सीएम रावत के सात्ता संभालने के बाद उत्तराखंड में राजनीतिक स्थिरता आई। इसके बाद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने विकास का काम शुरू किया। त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा राज्य की कमान संभालने के बाद जो भी चुनाव हुए उनमे बीजेपी ने जीत का परचम लहराया। ये त्रिवेंद्र सिंह रावत के कुशल नेतृत्व का ही कमाल है कि पहले थराली विधानसभा उपचुनाव और फिर निकाय चुनाव का परिणाम बीजेपी के पक्ष में गया। अब बारी लोकसभा चुनाव की है, इसमें भी जीत मिलने की पूरी संभावनाएं हैं।
सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत की बड़ी कामयाबी जो जीत में निभा सकती हैं अहम भूमिका:
उत्तराखंड में सत्ता में आने के बाद त्रिवेंद्र सिंह रावत का ये जादू था कि वे केंद्र सरकार से राज्य के पक्ष में विकास के लिए बड़े-बड़े प्रजेक्ट के लिए राशि पास कराने में कामयाब रहे। ऑलवेदर रोड के लिए 12,000 करोड़, रेल प्रोजेक्ट के लिए 16,000 करोड़ केंद्र सरकार ने पास किए। कर्णप्रयाग से बद्रीनाथ और सोनप्रयाग, नाकुरी से गंगनाली रेल लाइन के सर्वे का पैसा राज्य को मिलच चुका है। दिल्ली-सहारनपुर-एक्सप्रेस हाईवे, मुजफ्फरनगर-देवबंद-रुड़की नई रेल लाइन का काम जारी है। भारतमाला के तहत 12,000 करोड़ और नमामि गंगे के तहत 9000 करोड़ के काम जारी हैं। उत्तराखंड में आर्गेनिक खेती के लिए 1500 करोड़। वहीं राज्य समेकित योजना के लिए केंद्र की मोदी सरकार से 100 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। ये वो बड़ी कामयाबियां हैं, जिसे सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत लोकसभा चुनाव में जनता के बीच लेकर गए थे। इसके आलावा भी राज्य में कई अहम काम हुए हैं, जो लोकसभा चुनाव में बीजेपी को जीत हासिल करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
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