उत्तराखंड: कोरोना संक्रमित युवक के परिजनों की बड़ी लापरवाही, बहन की मौत, कई लोगों की जान जोखिम में

उत्तराखंड सरकार लगातार अलग-अलग मध्यम से लोगों को कोरोना को लेकर जागरूक कर रही है, ताकि समय रहते इसका पता लगाकर लोगों के जान को बचाया जा सके।

सरकार के अथक प्रयासों के बावजूद कुछ लोग ऐसे हैं जो अभी भी लपारवाही बरत रहे और खुद के साथ दूसरों की जिंदगी भी खतरे में डाल रहे हैं। एक ऐसी ही मामला अल्मोड़ा में सामने आया है, जहां कोरोना संक्रमित युवक की बहन की मौत हो गई, लेकिन परिजनों ने प्रशासन को नहीं सूचित किया। परिजनों ने किशोरी का गुप्त तरीके से अंतिम संस्कार करा दिया। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने कोरोना संक्रमित युवक के परिजनों के खिलाफ आपदा एवं महामारी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया है। घटना दन्या थाना क्षेत्र के काफली गांव की है। जहां 16 जून को एक युवक दिल्ली से अपने घर लौटा था। प्रशासन के निर्देश पर युवक को होम क्वारंटाइन किया गया था। उसके सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे।

19 जून को युवक की रिपोर्ट आई, जिसमें कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। युवक के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद प्रशासन की टीम ने उसे बेस अस्पताल अल्मोड़ा में आइसोलेट कर दिया। साथ ही संक्रमित के परिजनों को हिदायत दी कि पूरा परिवार हाई कॉन्टेक्ट रिस्क में है। इसलिए अगर किसी में भी कोरोना या दूसरी बीमारी के लक्षण दिखें तो तुरंत प्रशासन को इस बारे में जानकारी दें। अब पता चला है कि कोरोना संक्रमित युवक की बहन की 19 जून को मौत हो गई थी। 19 जून वही दिन है, जिस दिन युवक की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव मिलने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों ने कोरोना संक्रमित युवक की बहन की मौत की खबर प्रशासन को देने की बजाय उसका गुप्त तरीके से अंतिम संस्कार करा दिया।

थाना अध्यक्ष संतोष तिवारी ने कहा कि इस मामले में परिजनों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। किशोरी की मौत की खबर प्रशासन को दी जानी चाहिए थी, लेकिन कोरोना संक्रमित के परिजनों ने ऐसा नहीं किया। उन्होंने बिना किसी से कुछ कहे किशोरी का अंतिम संस्कार कर दिया। लापरवाही के लिए कोरोना संक्रमित युवक के पिता पान सिंह और माता पार्वती देवी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

(अल्मोड़ा से हरीश भंडारी की रिपोर्ट)

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