अगस्त क्रांति दिवस पर अल्मोड़ा जिला जेल में स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों को दी गई श्रद्धांजलि

अगस्त क्रांति दिवस के अवसर पर ऐतिहासिक जेल अल्मोड़ा के नेहरू वार्ड में स्वतन्त्रता संग्राम के महान विभूतियों को जनप्रतिनिधियों और लोगों ने दीप प्रज्वलित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।

अल्मोड़ा की ऐतिहासिक जेल 1872 में बनाई गई थी। अल्मोड़ा की जिला जेल में स्वतन्त्रता संग्राम के दीवानों में, जिसमे देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू, भारत रत्न गोविन्द बल्लभ पंत, खान अब्दुल गफ्फार खान, हर गोविन्द्र पंत, विक्टर मोहन जोशी, बद्री दत्त पांडेय, देव सुमन समेत 423 स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी निरूद्ध रहे हैं। उत्तराखण्ड की सबसे पुरानी जेल में अल्मोड़ा की जेल ही है। इस जेल में पंडित नेहरू दो बार रहे है। इस जेल में स्वतन्ता संग्राम के सेनानियों की अनेक यादे संरक्षित हैं। इस जेल को हैरिटेज बनाए जाने की कवायद भी लंबे समय से चल रही है। आजादी के दौर की गवाह रही ये जेल पूरे आजादी के इतिहास की गवाह की किताब है।

हर साल 9 अगस्त को अल्मोड़ा की ऐतिहासिक जेल में अगस्त क्रांति दिवस भव्य रूप से मनाया जाता है, लेकिन इस बार कोरोना महामारी कें चलते सादे समारोह के रूप में मनाया गया। लोग कोरोना गाइडलाइन्स के नियमों का पालन कर नेहरू वार्ड में देश महानायकों  याद कर श्रद्धांजलि अर्पित की। अल्मोड़ा जेल को राष्ट्रीय स्मारक बनाने के लिए निरन्तर मांग की जा रही है।

इस मौके पर पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि अल्मोड़ा जेल स्वतन्त्रता आंदोलन का परिचायक रही है। ऐतिहासिक महत्व को देखते हेरिटेज के रूप में विकसित करने के लिए सरकार के सज्ञान में लाया जाएगा। वहीं, पालिका अध्यक्ष ने कहा कि इस जेल की ऐतिहासिक महत्व के आधार पर सरकार को राष्ट्रीय स्मारक बनाना चाहिए, जिससे कि भावी पीढ़ी को लाभ मिल सके।

(अल्मोड़ा से हरीश भंडारी की रिपोर्ट)

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: