उत्तराखंड: गांव लौटे प्रवासियों के लिए खेती बना सहारा, परंपरागत खेती में लगे लोग

कोरोना लॉकडाउन के बाद बड़ी संख्या में प्रवासी उत्तराखंड लौटे हैं। प्रवासियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती रोजी-रोटी का है।

एक तरफ सरकार जहां प्रवासियों को रोजगार दिलाने में मदद कर रही है, वहीं दूसरी तरफ प्रवासी खुद रोजगार की तलाश में लगे हुए हैं। प्रवासियों के लिए खेती एक बेहतर विकल्प के रूप में सामने आया है। अलमोड़ा जिले में लौटे प्रवासियों ने अब अपने परम्परागत खेती को रोजगार का साधन बनाते हुए खेती करना शुरू कर दिया है।

अन्य राज्यों से लौटे प्रवासी जिले में खेती करने लगे हैं। किसानों के सामने पहाड़ों में खेती के कई विकल्प हैं। उधर, सरकार की ओर से किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। जिला स्तर पर प्रशासन द्वारा इन योजनाओं की प्रवासियों को जानकारी दी जा रही है, जिससे किसान और प्रवासी फायदा उठा रहे हैं।

(अल्मोड़ा से हरीश भंडारी की रिपोर्ट)

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