चंपावत: बनबसा में व्यापारियों ने किया प्रदर्शन, भारत-नेपाल बॉर्डर खोलने की मांग

चंपावत में भारत और नेपाल के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा को खोलने की मांग तेज हो गई है। बनबसा के व्यापारियों ने प्रदर्शन कर भारतीय व्यापारियों को नेपाल में निर्बाध प्रवेश की मांग की।

बनबसा व्यापार मंडल ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। इस मामले में विरोध प्रदर्शन भी किया गया। बनबसा व्यापार मंडल का कहना है कि नेपाल के साथ हमारा रोटी-बेटी का संबंध है। भारत का अधिकांश व्यापार नेपाल पर निर्भर है। खासकर बनबसा और महेन्द्रनगर-धनगढ़ी के बीच व्यापार प्रमुख कड़ी है।

पिछले कई महीनों से अंतरराष्ट्रीय सीमा बंद होने से दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियां ठप पड़ी हैं। ऐसे में व्यापारियों के सामने भुखमरी की नौबत आ गई है। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधों के चलते भारतीय व्यापारी नेपाल नहीं जा पा रहे हैं।

अगर भारतीय व्यापारी वैध तरीके से नेपाल की सीमा में घुसता है तो नेपाली सुरक्षाकर्मी भारतीय व्यापारियों को तमाम तरह से परेशान कर रहे हैं। व्यापारियों को वहां परिवहन की सुविधा तक नहीं दे रहे हैं। ऐसे में व्यापारी अपनी पुरानी लागत भी नहीं वसूल पा रहे हैं।

व्यपार मंडल ने कहा कि नेपाली नागरिकों की भारत में निर्बाध आवाजाही है, लेकिन भारतीय व्यापारियों तथा लोगों को नेपाली सुरक्षा एजेसियां परेशान कर रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत तथा नेपाल के बीच अंतर्राष्ट्रीय सीमा पूरी तरह से खुलने तक चार घंटे आवाजाही की छूट दी जाए। सुबह आठ से दस बजे तक तथा शाम को दो से चार बजे के बीच आने जाने की छूट दोनों देशों की ओर से दी जाए। इससे दोनों ओर से अवैध गतिविधियों तथा कारोबार पर रोक लगेगी।

दूसरी ओर व्यापारियों की मांगों पर पर चंपावत के जिलाधिकारी एसएन पांडे ने कहा कि यह दो देशों के बीच का मामला है। भारत की ओर से आवाजाही पर कोई प्रतिबंध नहीं है लेकिन नेपाल सरकार ने सीमा को 31 दिसंबर तक बंद करने का निर्णय लिया है। ऐसे में वो व्यापारियों को अपनी ओर से अधिक से अधिक सुविधा प्रदान करने की कोशिश करेंगे।

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