उत्तराखंड स्पेशल: जाको राखे साइयां मार सके न कोई, पढ़िये जल प्रलय में मौत को मात देने वाली मंजू रावत की दर्दनाक कहानी
देवभूम में रविवार को सैलाब आया था। तब से अब तक 5 दिन बाद भी चारों तरफ बर्बादी ही बर्बादी का मंजर है।
देवभूम में रविवार को सैलाब आया था। तब से अब तक 5 दिन बाद भी चारों तरफ बर्बादी ही बर्बादी का मंजर है।