उत्तर प्रदेश के गाजीपुर के सेवराई तहसील क्षेत्र के विभिन्न ग्राम पंचायत में लाखों से बने सामुदायिक शौचालय लोगों के किसी काम का नहीं रह गया है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत करीब 10 लाख रुपये की लागत से बने इस सामुदायिक शौचालय पर पिछले तीन वर्षों से ताला लटका हुआ है। ऐसे में ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी योजना के तहत बनाया गया यह सामुदायिक शौचालय अब केवल शोपीस बनकर रह गया है। जरूरत पड़ने पर लोगों को मजबूरी में दूसरी जगह तलाशनी पड़ती है, जिससे उन्हें शर्मिंदगी भी झेलनी पड़ती है।
तीन साल से बंद पड़ा सामुदायिक शौचालय
भदौरा ब्लॉक मुख्यालय परिसर में स्वच्छ भारत मिशन के तहत यह सामुदायिक शौचालय बनाया गया था। इसका उद्देश्य ब्लॉक में आने वाले लोगों को स्वच्छ और सुरक्षित सुविधा उपलब्ध कराना था।
लेकिन निर्माण के तीन साल बाद भी यह सामुदायिक शौचालय उपयोग में नहीं आ सका। शौचालय पर ताला लगा होने के कारण यहां आने वाले लोगों को काफी असुविधा हो रही है।
लोगों ने जताई नाराजगी
बारा गांव निवासी रामबचन यादव, विजय यादव, विमलेश सिंह गहमरी और राहुल राय ने बताया कि ब्लॉक मुख्यालय पर काम के दौरान यदि किसी को शौचालय की जरूरत पड़ती है तो बंद होने के कारण परेशानी उठानी पड़ती है।
लोगों का कहना है कि करीब 10 लाख रुपये की लागत से बना सामुदायिक शौचालय होने के बावजूद इसका कोई फायदा नहीं मिल रहा है।
सफाई व्यवस्था पर भी उठे सवाल
स्थानीय लोगों ने बताया कि ब्लॉक मुख्यालय पर करीब छह सफाई कर्मियों की तैनाती है। इसके बावजूद परिसर के कई हिस्सों में गंदगी और कूड़े का अंबार लगा रहता है।
लोगों का आरोप है कि संबंधित अधिकारियों और सफाई कर्मियों की मिलीभगत से केवल मानदेय का भुगतान हो रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर सफाई व्यवस्था ठीक नहीं है।
इस मामले में पूछे जाने पर पंचायत सचिव सुरेश प्रसाद ने कोई जानकारी देने से इनकार कर दिया।
जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन
इस पूरे मामले को लेकर जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) गाजीपुर रमेश चंद्र उपाध्याय ने कहा कि शिकायत की जानकारी मिली है।
उन्होंने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी और जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
(न्यूज़ नुक्कड़ के लिए गाजीपुर से इज़हार खान की रिपोर्ट)

